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Optical Illusion: शेरों के झुण्ड में छिपा है एक लंगड़ा शेर, शिकारी नजरों वाला ही ढूंढ पाएगा

ऑप्टिकल इल्यूजन की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें शेरों का झुण्ड नजर आ रहा है। इस झुण्ड में एक लंगड़ा शेर आकर खो गया है, जिसे ढूंढने का चैलेंज दिया गया है।

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तस्वीर में कहां छिपा है लंगड़ा शेर

KEY HIGHLIGHTS
  • ऑप्टिकल इल्यूजन की तस्वीर वायरल
  • तस्वीर में छिपा है एक लंगड़ा शेर
  • ढूंढने के लिए मिला 20 सेकंड का समय

Optical Illusion Eye Test: सोशल मीडिया पर आपको कई ऐसी तस्वीरें देखने को मिल जाएंगी, जिसमें से कुछ न कुछ खोजने के लिए कहा जाता है। इन तस्वीरों को ऑप्टिकल इल्यूजन या ब्रेन टीजर कहा जाता है। हाल ही में एक ऐसी ही खतरनाक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें शेरों का झुण्ड नजर आ रहा है। इन शेरों के बीच एक अनोखा और विचित्र शेर जाकर छिप गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऑप्टिकल इल्यूजन की इस तस्वीर में शेरों के झुण्ड के बीच अनोखा शेर ढूंढने के लिए 20 सेकंड का समय दिया गया है। कहा जा रहा है कि इस तस्वीर को सॉल्व करने में अब तक कई महारथी फेल हो चुके हैं। ऐसे में अगर आप इसे सॉल्व कर लेते हैं तो आपको शिकारी नजरों वाला इंसान माना जाएगा। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि इस तस्वीर को सॉल्व करने के लिए जिगरा चाहिए।

Optical Illusion Eye Test Solution

तस्वीर में यहां छिपा है लंगड़ा शेर

तस्वीर में यहां छिपा है लंगड़ा शेर

ऑप्टिकल इल्यूजन की इस तस्वीर को एक बार ध्यान से देखें, क्या पता शायद आपको लंगड़ा शेर दिख जाए। अगर नहीं दिखा तो ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऊपर दिए गए शेरों के झुण्ड वाली इस तस्वीर को जब आप देखेंगे तो आपको एक लाल सर्कल नजर आएगा, जिसमें आपको लंगड़ा शेर दिख जाएगा। अब जब आपको लंगड़ा शेर दिख ही गया है तो क्यों ना आप अपने रिश्तेदारों के साथ इस तस्वीर को शेयर करें और उन्हें इस चैलेंज को पूरा करने के लिए कहें।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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