देश

CJP प्रवक्ता सौरव दास का पता सार्वजनिक करना पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने अभिजीत मित्रा समेत कई को भेजा समन

दिल्ली हाई कोर्ट ने कमेंटेटर अभिजीत अय्यर मित्रा और अन्य लोगों को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के सौरव दास द्वारा दायर प्राइवेसी (निजता) के मामले में समन भेजा है। सौरव दास ने आरोप लगाया है कि उनकी रिहायशी जानकारी सार्वजनिक कर दी गई थी।

Image

CJP प्रवक्ता सौरव दास का पता सार्वजनिक करना पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने अभिजीत मित्रा समेत कई को भेजा समन

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को कमेंटेटर अभिजीत अय्यर मित्रा और अन्य प्रतिवादियों को समन जारी किया। यह समन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास द्वारा दायर एक मामले में जारी किया गया है। दास ने आरोप लगाया है कि उनकी रिहायशी जानकारी सार्वजनिक कर दी गई, जिससे उनकी प्राइवेसी, सम्मान और सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।

दास ने अपनी प्राइवेसी और सुरक्षा के अधिकार की रक्षा के साथ-साथ प्राइवेसी अधिकारों के कथित उल्लंघन के लिए हर्जाने की मांग करते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में अय्यर मित्रा के साथ-साथ कई लॉ पोर्टल और मीडिया प्लेटफॉर्म को प्रतिवादी बनाया गया है।

इस मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी

सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने दास द्वारा दायर निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) आवेदनों पर भी नोटिस जारी किया। कोर्ट ने X (पहले ट्विटर) की इस बात पर ध्यान दिया कि संबंधित लिंक प्लेटफॉर्म के अपने दिशानिर्देशों के अनुसार हटा दिए गए थे।प्रतिवादियों को मामले और उन पर लगाए गए आरोपों के जवाब में अपना लिखित बयान दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी।

यह मामला दास के उन आरोपों से जुड़ा है जिनमें कहा गया है कि उनकी निजी रिहायशी जानकारी ऑनलाइन कंटेंट के जरिए सार्वजनिक कर दी गई थी। उन्होंने इस कथित खुलासे के खिलाफ कानूनी सुरक्षा की मांग की है और तर्क दिया है कि ऐसी जानकारी का प्रकाशन उनकी प्राइवेसी और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है।

यह घटनाक्रम तब हुआ जब दास ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया और मित्रा तथा कई अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन पर आरोप है कि उन्होंने दास की रिहायशी जानकारी सार्वजनिक कर दी थी।

अनिवार्य निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) की भी मांग

इसके अलावा, दास ने अय्यर, X, गूगल और कई लॉ पोर्टल व मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) की भी मांग की, ताकि वे उनकी रिहायशी जानकारी प्रकाशित, प्रसारित या उजागर न कर सकें। उन्होंने कोर्ट से यह निर्देश देने की भी मांग की कि वे ऐसी जानकारी देने वाले वीडियो और पोस्ट को हटा दें और उन तक जनता की पहुंच बंद कर दें।

'कुछ यूट्यूबर और मीडिया चैनल उनके घर में घुस गए थे'

इससे पहले अगस्त में, दास ने बुधवार को X पर एक पोस्ट में दावा किया था कि कुछ यूट्यूबर और मीडिया चैनल उनके घर में घुस गए थे और अंदर के दृश्य प्रसारित किए थे। इसे अपनी प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन बताते हुए दास ने अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा जोखिम का दावा किया था। इस घटना को देखते हुए, दास ने दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और आपराधिक रूप से घर में घुसने, आपराधिक धमकी देने, मानहानि और आपराधिक साजिश के आरोप लगाने की मांग की।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article