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ओ तेरी! 7 हजार में खरीदकर 40 लाख में बेच दी ये चीज, बताई ऐसी सच्चाई, जान हर कोई रह गया दंग

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated May 15, 2023, 02:06 PM IST

ब्रिटेन के रहने वाले एक शख्स ने अपने पिता की आखिरी निशानी के तौर पर मौजूद एक घड़ी को ऑक्शन में बेच दी। हैरानी बात यह थी कि उस वक्त पिता ने इस घड़ी को मात्र 7000 रुपयों में खरीदी थी लेकिन इसी घड़ी को ऑक्शन में 40 लाख रुपये मिले हैं।

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7 हजार की घड़ी 40 लाख में बेची

KEY HIGHLIGHTS
  • शख्स ने बेची पिता की आखिरी निशानी
  • ऑक्सन में लगी 40 लाख की बोली
  • पिता ने घड़ी के लिए चुकाए थे महज 7000 रुपए

Antique Watch Auction: कहते हैं इंसान का लक साथ होना चाहिए, बाकी सब तो बात की बात है। इसी लक पर आधारित है ये कहानी, जो आपको बताने जा रहे हैं। दरअसल, ब्रिटेन की एक खबर काफी वायरल हो रही है, जहां एक शख्स ने पुरानी पड़ी चीज को लाखों में बेच दी है। ऐसे में उसके खुशी का ठिकाना नहीं है। शख्स का कहना है कि उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि घर में पुरानी पड़ी चीज इतने महंगे दाम में बिक सकती है।

ये मामला ब्रिटेन का है, जहां के रहने वाले साइमन बर्नेट ने साल 1963 में एक घड़ी खरीदी थी, जो उनके मरने के बाद ऐसी ही घर पड़ी रहती थी। ऐसे में उनके बेटे पीटर बर्नेट ने TW Gaze की तरफ से आयोजित ऑनलाइन ऑक्शन में इसे बेचने की सोची, लेकिन इस बात का उसे बिल्कुल अंदाजा नहीं था, जो उसके साथ हुआ। दरअसल, पिता ने इस घड़ी को महज 7 हजार रुपये में खरीदी थी लेकिन ऑक्शन में यह घड़ी 40 लाख में बिकी है। अब ऐसे में शख्स की मानिए लॉटरी ही निकल गई हो, वह खुशी के मारे फूले नहीं समा रहा है।

7 हजार की घड़ी 40 लाख में बेची

पीटर ने कहा कि पिता की यह निशानी घर में पड़े-पड़े धूल खा रही थी, जिससे वे काफी असहज महसूस कर रहे थे। इसीलिए उन्होंने इसे बेचने का फैसला किया, लेकिन उन्हें इस बात की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि 60 साल पुरानी घड़ी की कीमत लाखों में होगी और कोई इसे इतने अधिक पैसों में खरीद सकता है। बता दें, ये घड़ी स्विस कंपनी रोलेक्स की है, जिसका नाम 1963 रोलेक्स सबमरीनर वॉच (1963 Rolex Submariner Watch) है, जिसे चाहने वाले हजारों है। ऐसे में आप सबकी क्या राय है, आप इस बारे में क्या सोचते हैं? हमें कमेंट जरूर बताएं।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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