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गैराज के अंदर 50 साल से धूल फांक रही थी बेशकीमती चीज, सच्चाई से अनजान था शख्स, अब बदलेगी किस्मत

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Apr 11, 2023, 05:22 PM IST

कई बार ऐसा होता है कि बेशकीमती सामान हमारे आंखों के सामने ही होती है लेकिन फिर भी हमें दिखती नहीं है और हम इन चीजों से अंजान होते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ है इस शख्स के साथ, जिसके घर में बीते 50 साल कबाड़ में एक कीमती चीज पड़ी थी, जिसके बारे में उसे जानकारी ही नहीं थी।

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गैराज में पड़ी बेशकीमती विंटेज कार (फोटो साभार - H&H Classics)

KEY HIGHLIGHTS
  • 50 साल से कबाड़ में पड़ी विटेंज कार
  • गैराज में पड़ी-पड़ी खा रही थी धूल
  • फिर अचानक किस्मत ही चमक गई शख्स की

Facel Vega HK 500: कहा जाता है न कि कुछ ऐसी बेशकीमती चीजें होती है, जो हमारे नजरों के सामने तो होते हैं, लेकिन दिखाई नहीं देते हैं। ये कहानी भी कुछ इसी तरह है, जिसमें एक शख्स के घर में बने गैराज में पिछले 50 साल से एक बेशकीमती कार पड़ी हुई थी, लेकिन उसे इस बात की भनक तक नहीं थी, लेकिन किस्मत का क्या है, कब पलट जाए किसे पता। ऐसे ही एक मामला सामने आया है, इस शख्स के गैराज में पिछले 50 साल से एक बेशकीमती कार धूल फांक रही थी, जिससे शख्स अनजान था।

लेकिन जैसे ही इसका खुलासा हुआ, फिर शख्स की किस्मत ने भी करवट ले लिया। मामला यूं है कि शख्स के गैराज में लगभग 50 साल से एक सुपर रेयर विंटेज कार पड़ी थी। अब ये जिस दाम में बिकने वाली है, उससे इस शख्स की सारी गरीबी खत्म हो जाएगी। फिर ये बाकी की जिंदगी आराम से बिता सकेगा। इस विंटेज कार की बात की जाए तो ये काफी रईसों की पसंदीदा कार है, जिसे खरीदने के लिए हमेशा कार लवर्स तैयार रहते हैं। इसकी नीलामी आने वाले 26 अप्रैल से शुरू की जाएगी।

Facel Vega HK 500

रिपेयरिंग के बाद होगी कार की नीलामी (फोटो साभार - H&H Classics)

3 करोड़ तक जा सकती है कीमत

बता दें, गैराज में मिली ये कार अपने जमाने की सबसे तेज चलने वाली कार हुआ करती थी, जिसका नाम फेसल वेगा एचके 500 (Facel Vega HK 500) है। जब ये कार बनाई गई थी, तब इसके सिर्फ 96 मॉडल (साल - 1964) बनाए गए थे। इसी मॉडल के लेफ्ट हैंड कार की कीमत करीब 61 लाख रुपए तक है। लेकिन राइड हैंड होने के कारण इस कार कीमत और भी अधिक आंकी जा रही है। अनुमान है कि इस कार की कीमत 3 करोड़ रुपये के आसपास जा सकती है। इतने साल तक गैराज में पड़े रहने के बावजूद इस कार का इंटीरियर अभी भी जबरदस्त है। लेकिन बाहर इसकी हालत थोड़ी खराब नजर आ रही है, जिसकी रिपेयर कराई जाएगी।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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