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'ऑफिस में है भयंकर Feminism !' शख्‍स के दावे से इंटरनेट पर छिड़ा महायुद्ध, वायरल हो रही पोस्‍ट

Viral News: इस पोस्‍ट को वायरल होने में ज्‍यादा समय भी नहीं मिला है और कई लोगों ने प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। एक शख्‍स ने कहा कि, 'आपको अपने वर्कप्‍लेस से नफरत करनी चाहिए, महिलाओं से नहीं।'

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ऑफिस में फेमिनिज्‍़म।

Viral News: कॉरपोरेट जगत में काम करने वाले कई लोग रेडिट पर अपने ऑफिस के अनुभवों को शेयर करते हैं। इसी कड़ी में 24 वर्षीय एक व्यक्ति की रेडिट पोस्‍ट काफी चर्चा में आ गई है। शख्‍स ने दावा किया कि, उसकी कंपनी महिला एम्‍प्‍लॉयज़ को अनुचित लाभ देती है। शख्‍स का कहना है कि, उनका वर्कप्‍लेस महिलाओं का पक्षधर है, जो कि उनके अंदर स्त्री-द्वेष को बढ़ावा दे रहा है।' इसके बाद उन्होंने कई ऐसे उदाहरण दिए जो उनके अनुसार इस पूर्वाग्रह को दर्शाते हैं। उनके अनुसार, महिलाओं को बेहतर मार्गदर्शन मिलता है, गलतियों के लिए उन्हें कम परिणाम भुगतने पड़ते हैं और पदोन्नति के दौरान उन्हें प्राथमिकता दी जाती है। उनकी रेडिट पोस्ट काफी वायरल हो रही है जहां लोग अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

क्‍या लिखा पोस्‍ट में

शख्‍स ने अपनी पोस्‍ट में लिखा कि, 'मैं 24 वर्षीय पुरुष हूं, मैं काफी हद तक फेमिनिस्‍ट हूं (अब तक)। लेकिन जब से मैंने कार्यस्थल पर कदम रखा है, मैं पुरुषों और महिलाओं के साथ किए जाने वाले व्यवहार में अंतर देख सकता हूं।' अर्थात् महिलाओं को उन्हीं गलतियों के लिए आसानी से दंडित किया जाता है जो पुरुषों के लिए बड़ी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। महिलाएं ठीक 9 से 5 बजे तक काम करती हैं जबकि पुरुषों से बिना किसी अतिरिक्त पारिश्रमिक के 14-15 घंटे काम करने की अपेक्षा की जाती है। सीनियर्स और बॉस उन्हें सिखाने और उन्हें चीजों के बारे में शिक्षित करने के लिए अतिरिक्त समय लेते हैं लेकिन पुरुषों से अपेक्षा की जाती है कि वे खुद ही सीखें। इन सभी पदोन्नति समयों के बाद, महिलाओं पर विचार किया जाता है।' उन्होंने लिखा, 'इस स्थिति को लेकर मैं काफी दुखी हूं, या तो आपको सर्वश्रेष्ठ बनना होगा और अपना पूरा जीवन देना होगा या फिर जीवन भर हाशिये पर रहना होगा।'

रेडिट पर यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया

इस पोस्‍ट को वायरल होने में ज्‍यादा समय भी नहीं मिला है और कई लोगों ने प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। एक शख्‍स ने कहा कि, 'आपको अपने वर्कप्‍लेस से नफरत करनी चाहिए, महिलाओं से नहीं। अपने मालिकों से नफरत करें जो पुरुषों का शोषण कर रहे हैं। महिलाओं से नहीं। यह इतना ही सरल है।' दूसरे ने पूछा कि, 'कृपया मुझे बताएं कि यह कौन सा कार्यालय है, क्या वे मुझे काम पर रखेंगे? मैं एक महिला हूं और मुझे कार्यस्थल पर इसके बिल्कुल विपरीत का सामना करना पड़ा है।' तीसरे यूजर ने कहा कि, 'आप कभी ऐसी कंपनी में नहीं रहे जो कहती है कि वह महिला कर्मचारियों को काम पर रखना चाहती है और फिर उन्हें रात की शिफ्ट में काम करवाती है, जबकि महिला कर्मचारियों की सुरक्षा की बिल्कुल भी परवाह नहीं की जाती और वे रात को 1 या 2 बजे घर चली जाती हैं। ध्यान रहे कि इस जगह की सीईओ भी एक महिला ही हैं।' एक और यूजर ने अपना अनुभव शेयर करते हुए लिखा कि, 'यह बिलकुल सच है। साथ ही, पदोन्नति वाला हिस्सा भी सच है। मेरा XYZ LPA वेतन मेरे 10 साल के अनुभव के बाद था, मेरी पत्नी ने अपने नौकरी के अनुभव के सिर्फ़ 5 साल में उस LPA वेतन की बराबरी कर ली। और मुझे यकीन है कि वह अगले 3 सालों में इसे दोगुना कर देगी।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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