भारत में शादी-ब्याह और त्योहारों के मौके पर हाथों में मेहंदी लगाना सदियों पुरानी परंपरा है। खासकर शादियों में मेहंदी आर्टिस्टों की काफी मांग रहती है। कलाकार घंटों मेहनत करके दुल्हन और दूसरी महिलाओं के हाथों पर खूबसूरत डिजाइन बनाते हैं। लेकिन अब सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने इस पुराने और ट्रेडिशनल काम के भविष्य को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो ने लोगों को चौंकाया
वीडियो (Video) में आप देख सकते हैं कि एक मशीन महिला के हाथ पर मेहंदी का डिजाइन बनाती नजर आ रही है। वीडियो को बिजनेसमैन और सोशल मीडिया पर चर्चित हस्ती हर्ष गोयनका ने शेयर किया है। उन्होंने वीडियो को शेयर करते हुए इसका कैप्शन लिखा, "Some more jobs gone", यानी एक और काम अब मशीन के हाथ में जाता हुआ दिखाई दे रहा है।
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मशीन खुद बना रही है हाथों पर मेहंदी का डिजाइन
वायरल वीडियो (Viral Video) में एक महिला अपना हाथ एक खास मशीन के अंदर रखती दिखाई देती है। इसके बाद मशीन उसके हाथ पर मेहंदी का डिजाइन बनाना शुरू कर देती है। सबसे खास बात यह है कि डिजाइन बनाने के लिए किसी इंसान को मेहंदी कोन लेकर हाथ से काम करते हुए नहीं दिखाया गया। मशीन काफी बारीकी से हाथ पर पैटर्न तैयार करती नजर आती है। यही वजह है कि वीडियो देखने वाले लोग हैरान हैं। आमतौर पर मेहंदी लगाने में कलाकार को काफी समय और मेहनत लगती है। उसे ग्राहक की पसंद, हाथ की बनावट और डिजाइन के हिसाब से काम करना पड़ता है लेकिन यह मशीन कुछ ही समय में ऐसा काम करती दिखाई दे रही है।
क्या मेहंदी कलाकारों की नौकरी खतरे में है?
हर्ष गोयनका (Harsh Goenka) की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। लोगों का सवाल है कि अगर मशीनें धीरे-धीरे इंसानों के काम करने लगेंगी, तो रोजगार का क्या होगा? मेहंदी लगाने वाली मशीन का एक फायदा यह हो सकता है कि कम समय में कई लोगों के हाथों पर एक जैसा डिजाइन बनाया जा सके। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो सकती है। खासकर बड़े आयोजनों या शादी समारोहों में ऐसी मशीनें उपयोगी साबित हो सकती हैं लेकिन मेहंदी सिर्फ एक तकनीकी काम नहीं है। इसमें कलाकार की क्रिएटिविटी और अनुभव भी शामिल होता है। इंसान ग्राहक की पसंद के अनुसार डिजाइन में तुरंत बदलाव कर सकता है। कोई नाम लिखवाना हो, खास फूल बनवाना हो या ट्रेडिशनल डिजाइन में कुछ नया जोड़ना हो, कलाकार यह काम आसानी से कर सकता है।
लोगों को मशीन से ज्यादा इंसान पर भरोसा
सोशल मीडिया (Social Media) यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी काफी दिलचस्प हैं। कुछ लोगों ने कहा कि तकनीक के कारण छोटे काम करने वाले लोगों की कमाई प्रभावित हो सकती है। वहीं कई लोगों ने माना कि वे मशीन की बजाय किसी अनुभवी कलाकार से मेहंदी लगवाना पसंद करेंगे। लोगों का कहना है कि हाथ से बनाई गई मेहंदी में एक अलग अपनापन और ह्यूमन टच होता है। मशीन से बने डिजाइन कितने भी परफेक्ट क्यों न हों, उनमें इंसानी कला जैसी खासियत शायद हमेशा नहीं मिल पाएगी।
क्या वीडियो असली है या AI का कमाल?
इस वीडियो को लेकर एक और सवाल भी उठ रहा है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि यह वीडियो AI से बनाया गया हो सकता है। हालांकि, अभी तक इसके AI-generated होने की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह वीडियो सिर्फ मेहंदी लगाने की तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य में मशीनों और इंसानों के बीच बदलते कामकाज की तस्वीर भी दिखाता है। मशीनें कुछ पुराने कामों की जरूरत कम कर सकती हैं, लेकिन इनके निर्माण और संचालन से नए रोजगार भी पैदा हो सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
