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River Fact: भारत की इकलौती नदी, जो समुद्र में मिलने से पहले अचानक इस जगह हो जाती है गायब

River Fact: वैसे तो दुनिया में कई नदियों बहती हैं, लेकिन कुछ नदियां काफी अनोखी होती हैं। भारत में भी एक ऐसी ही अनोखी नदी बहती है, जो समुद्र में मिलने से पहले ही गायब हो जाती है।

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भारत की अनोखी नदी (तस्वीर साभार-Istock )

River Fact: ये दुनिया रहस्यों और अजीबोगरीब चीजों से भरी हुई हैं। समय-समय पर कई चौंकाने वाले खुलासे भी होते रहते हैं, जिनके बारे में जानकर लोग दंग रह जाते हैं। जबकि, कुछ मामले तो आज तक अनसुलझे हुए हैं, जिनकी गुत्थी कोई भी नहीं सुलझा पाया है। आज हम आपको एक ऐसी ही नदी के बारे में बताएंगे, जिसके बारे में जानकर जरूर चौंक जाएंगे। क्योंकि, यह नदी बेहद ही अनोखी है और समुद्र में मिलने से पहले अचानक गायब हो जाती है। लेकिन, आज तक इसकी सच्चाई का कोई भी पता नहीं लगा सका। तो आइए, जानते हैं क्या है पूरा मामला?

ये तो हम सब जानते हैं इस धरती पर काफी संख्या में नदियां बहती हैं। अकेले भारत में छोटी-बड़ी मिलाकर सैकड़ों नदियां बहती हैं। गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, सिंध, सरयू, नर्मदा नदी की गिनती भारत की प्रमुख नदियों में होती है। इतना ही नहीं कई नदियों की तो लोग यहां पूजा तक करके करते हैं। वहीं, कुछ अनोखी नदियां भी हैं, जिनके बार में जानकर हैरानी भी होती है। लेकिन, आज हम आपको एक ऐसी नदी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर भी लोग चौंक जाते हैं। आमतौर पर अधिकांश नदियों का उद्गम स्थल पहाड़ों से होता है और अंत बंगाल की खाड़ी या फिर अरब सागर में मिलकर हो जाता है। लेकिन, इस नदी का उद्गम पहाड़ से तो होता है, लेकिन समुद्र से पहले वह जमीन पर ही विलुप्त हो जाती है। इस अनोखी नदी का नाम लुनी नदी है। इस नदी का उद्गम राजस्थान के अजमेर में नाग की पहाड़ियों पर होता है। यह नदी राजस्थान के दक्षिण-पश्चिम भाग में होकर गुजरती है। इस नदी की कुल लंबाई 495 किलोमीटर है। वहीं राजस्थान में इस नदी की लंबाई करीब 330 किलोमीटर है।

कच्छ में गायब हो जाती है नदी

राजस्थान से यह नदी गुजरात के कच्छ मैदान में पहुंचती है। यहीं पर आकर यह नदी विलुप्त हो जाती है। यह नदी इसलिए अनोखी है, क्योंकि, यह समुद्र में जाकर नहीं मिलती है। इतना ही नहीं इस नदी को देखने के लिए भी लोग पहुंचते हैं। राजस्थान की संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मार्च के महीने में यहां पर थार महोत्सव का भी आयोजन किया जाता है। इस महोत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं।

Kaushlendra Pathak
कौशलेंद्र पाठकauthor

कौशलेंद्र पाठक टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कार्यरत हैं। मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद उनका सफर ग्राउंड रिपोर्टिंग से डिजिटल डेस्क तक फैला, जहां उन्होंने कंटेंट की विविध शैलियों को नजदीक से समझा। अजब-गजब, अनोखी, सोशल और ट्रेंडिंग कंटेंट पर उनकी गहरी पकड़ और तेज न्यूज सेंस ने उन्हें डिजिटल दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कौशलेंद्र का ध्यान हमेशा ऐसे कंटेंट पर रहता है जो रीडर्स को नई, दिलचस्प और अनजानी कहानियों से रूबरू कराए—हर बार कुछ अलग, कुछ नया।

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