Kainchi Dham New Rules: क्या आप भी नीब करोरी (नीम करौली) बाबा के दर्शन के लिए नैनीताल स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम (Kainchi Dham) जाने की योजना बना रहे हैं? तो रुकिए! अब सीधे कैंची धाम पहुंचकर मंदिर की कतार में खड़े हो जाना इतना आसान नहीं होगा। हाल ही में एक ही वीकेंड पर श्रद्धालुओं का आंकड़ा 50,000 के पार पहुंचते ही भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर ऐसा भीषण जाम लगा कि प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
इस स्थिति से निपटने के लिए कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुके हैं। प्रशासन ने वैष्णो देवी और चारधाम की तर्ज पर कैंची धाम में दर्शन की पूरी व्यवस्था को ही बदलने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है।
क्या बदला है? जानिए नए और कड़े नियमों का पूरा प्लान
1. रोजाना केवल 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं को ही एंट्री
प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए रोजाना केवल 20,000 से 25,000 श्रद्धालुओं का आंकड़ा ही व्यावहारिक माना गया है। इस सीमा के तहत ही रोजाना श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिलेगी।
2. अनिवार्य 'प्री-बुकिंग' और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
अब कैंची धाम जाने से पहले श्रद्धालुओं को अग्रिम पंजीकरण (Pre-Registration) कराना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा इसका प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जा रहा है। शासन से मंजूरी मिलते ही यह डिजिटल सिस्टम लागू कर दिया जाएगा।
3. मंदिर परिसर में अलग-अलग एंट्री और एग्जिट
मंदिर परिसर के भीतर होने वाली भारी भीड़ और भगदड़ जैसी अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए एंट्री (प्रवेश) और एग्जिट (निकासी) के रास्ते पूरी तरह अलग-अलग रखे जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं का आमना-सामना न हो।
4. होटल बुकिंग की होगी चेकिंग
बिना होटल बुकिंग के वहां पहुंचकर रुकने की जगह तलाशने वाले श्रद्धालुओं के कारण सड़कों पर गाड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। इसलिए अब श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले एडवांस होटल/होमस्टे बुकिंग की सलाह दी गई है और पुलिस चेकिंग के दौरान बुकिंग पास मांगे जा सकते हैं।
5. महंगे प्रसाद, होटल ओवरचार्जिंग और अवैध बाइक टैक्सी पर शिकंजा
होटल-दुकानों की मनमानी बंद: दुकानों को अपनी रेट लिस्ट सार्वजनिक रूप से लगानी होगी। मनमाने दाम वसूलने वाले होटलों और होमस्टे के लाइसेंस तक रद्द किए जा सकते हैं।
अवैध बाइक टैक्सी पर कार्रवाई: कमर्शियल इस्तेमाल के लिए चलाई जा रही प्राइवेट मोटरसाइकिलों के खिलाफ सख्त जब्ती अभियान चलाया जाएगा।
6. पवित्र 'शिप्रा नदी' पर पिकनिक और नहाने पर रोक
कैंची धाम की पावन शिप्रा नदी में कचरा फैलाने, कपड़े धोने, नहाने या पिकनिक जैसा माहौल बनाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। वन विभाग के दस्तों की तैनाती कर नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान काटा जाएगा।
हर वीकेंड से पहले होगी स्पेशल क्राउड-मैनेजमेंट मीटिंग
अब तक कैंची धाम में केवल बड़े त्योहारों या मेलों (जैसे 15 जून स्थापना दिवस) पर ही प्रशासनिक बैठकें होती थीं। लेकिन अब हर वीकेंड से पहले SDM, CO और ARTO अधिकारियों की नियमित बैठक होगी। भीड़ बढ़ने की सूरत में भवाली और भीमताल जैसे प्रमुख पड़ावों से मंदिर परिसर तक के लिए स्पेशल शटल बसें चलाई जाएंगी।
