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भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर, जहां पुरुष अर्धनारीश्वर बनकर दर्शन करते हैं, रहस्य जान चौंक जाएंगे आप

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Apr 1, 2023, 08:29 PM IST

केरल के कोल्लम में स्थित कोट्टनकुलंगरा श्रीदेवी मंदिर भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां पुरुष अर्धनारीश्वर का रूप धारण कर दर्शन करने जाते हैं। इस मंदिर में इस प्रकार से रूप परिवर्तित कर दर्शन करने के पीछे का क्या रहस्य है, आइए जानते हैं...

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कोट्टनकुलंगरा श्रीदेवी मंदिर, कोल्लम, केरल (Photo Credit - Facebook)

KEY HIGHLIGHTS
  • केरल के कोल्लम में स्थित है कोट्टनकुलंगरा श्रीदेवी मंदिर
  • मंदिर आदि शक्ति को समर्पित है
  • दुर्गा भगवती के इस मंदिर को लेकर कई रोचक तथ्य है

Kottankulangara Sridevi Temple Kollam: देश में यूं तो हजारों मंदिर है, लेकिन कुछ ऐसे मंदिर है जो इस धरती को और भी खूबसूरत बना देते हैं। और वह है इनका रहस्य और इनकी परंपरा। कुछ ऐसा ही है, केरल के कोल्लम में स्थित कोट्टनकुलंगरा श्रीदेवी मंदिर। इस अनोखे मंदिर की यह तस्वीर आपको आपके अंदर छिपे अर्धनारीश्वर का एहसास कराएगी और उसकी शक्ति को दिखाएगी।

कोट्टनकुलंगरा श्रीदेवी मंदिर माता दुर्गा भगवती यानी आदि शक्ति को समर्पित है। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां पुरुषों को महिलाओं की तरह तैयार होकर पूजा करना पड़ता है। यानी पुरुषों को महिलाओं की तरह साड़ी पहन 16 श्रृंगार कर मंदिर में दर्शन किया जाता है। इसके लिए दक्षिण भारत के तमाम मेकअप आर्टिस्ट मंदिर आते हैं और यहां अपना स्टॉल लगाते हैं। जहां इन पुरुषों का मेकअप किया जाता है।

चाम्याविलक्कू फेस्टिवल के दौरान अनोखी परम्परा

इस मंदिर में मार्च महीने के दौरान एक फेस्टिवल आयोजित किया जाता है, जिसका नाम चाम्याविलक्कू (Chamayavilakku Festival) है। इस फेस्टिवल के दौरान यहां आने वाले सभी पुरुष आपको महिलाओं की तरह सज-संवरकर मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। माता की महिला के चलते कई सारे तो पुरुष पहचान में भी नहीं आते कि आखिर वे पुरुष है या महिला। उनका रूप बिल्कुल एक महिला की तरह ही लगता है। अर्धनारीश्वर का ये अनोखा रूप सिर्फ हमारे देश में ही देखने को मिल सकता है। फेस्टिवल के दौरान यहां सभी जाति धर्म के लोग आते हैं। मंदिर में मनाए जाने वाला यह त्योहार मलयालम कैलेंडर के मीनम महीने में मनाया जाता है।

मंदिर में स्थापित प्रतिमा स्वयंभू

मंदिर को लेकर कहा जाता है कि मंदिर में स्थापित प्रतिमा स्वयंभू है। किवदंती के अनुसार, प्राचीन समय में कुछ बच्चे जंगल में खेल रहे थे, तभी उन्हें एक नारियल दिखा, जिसे तोड़ने पर उसमें से खून निकलने लगा। उस समय लोगों ने इस नारियल को देवी मान इसकी पूजा शुरू कर दी और फिर यहां मंदिर की भी स्थापना करवा दी गई। वैसे इस मंदिर में दर्शन करने महिला रूप में पुरुषों का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसे '@SwamyJourno' नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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