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Interesting Facts: 2000 साल पहले मिस्र घूमने पहुंचे थे भारतीय? मकबरों पर मिले चौंकाने वाले पुराने निशान

Interesting Facts: मिस्र के राजाओं की घाटी में 2,000 साल पुराने तमिल-ब्राह्मी शिलालेख मिले हैं। यह खोज बताती है कि प्राचीन तमिल व्यापारी मिस्र के अंदरूनी इलाकों तक जाते थे। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह खोज भारत और मिस्र के बीच पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों का मजबूत प्रमाण है।

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Interesting Facts: 2000 साल पहले मिस्र घूमने पहुंचे थे भारतीय? (फोटो: iStock)

Interesting Facts:एक नई खोज ने प्राचीन भारत के समुद्री इतिहास को लेकर बड़ी जानकारी सामने रखी है। शोधकर्ताओं ने मिस्र के ‘राजाओं की घाटी’ में स्थित शाही मकबरों के अंदर लगभग 2,000 साल पुराने तमिल-ब्राह्मी शिलालेखों की पहचान की है। यह खोज बताती है कि प्राचीन तमिल व्यापारी सिर्फ समुद्री तटों तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे मिस्र के अंदरूनी इलाकों तक भी यात्रा करते थे। यह जानकारी चेन्नई में आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय तमिल पुरालेख सम्मेलन में साझा की गई।

सबसे खास नाम ‘सिकई कोरण’

स्विट्जरलैंड के लुसाने विश्वविद्यालय के प्रोफेसर इंगो स्ट्रॉच ने इस शोध को प्रस्तुत किया। उन्होंने पेरिस के फ्रेंच स्कूल ऑफ एशियन स्टडीज की प्रोफेसर शार्लोट श्मिट के साथ मिलकर इस अध्ययन को पूरा किया। शोध के दौरान रामसेस VI के मकबरे सहित छह चट्टानों को काटकर बनाए गए शाही मकबरों में लगभग 30 तमिल-ब्राह्मी और प्राकृत शिलालेख दर्ज किए गए। इनमें सबसे खास नाम ‘सिकई कोरण’ है, जो आठ अलग-अलग जगहों पर लिखा मिला। एक शिलालेख में ‘सिकई कोरण वारा कंता’ लिखा है, जिसका अर्थ है ‘सिकई कोरण आया और देखा।’

शिलालेख इतिहास का भरोसेमंद प्रमाण

यह शैली वहां मिले ग्रीक पर्यटकों के भित्तिचित्रों जैसी लगती है। पहले मिस्र में तमिल उपस्थिति के प्रमाण केवल बंदरगाह शहरों तक सीमित थे। लेकिन अब इन शिलालेखों से यह साफ होता है कि भारतीय व्यापारी लंबे समय तक वहां रहे और ऐतिहासिक स्थलों को देखने में भी रुचि रखते थे। ‘सिकई’ का अर्थ शिखा या मुकुट और ‘कोरण’ का अर्थ नेता होता है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह व्यक्ति किसी व्यापारी संघ में महत्वपूर्ण पद पर रहा होगा।

सम्मेलन का आयोजन तमिलनाडु राज्य पुरातत्व विभाग ने किया। मंत्री थंगम थेनारासु ने कहा कि शिलालेख इतिहास का भरोसेमंद प्रमाण होते हैं। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में लगभग 30,000 शिलालेख दर्ज हैं, जो प्राचीन काल से लगातार इतिहास की जानकारी देते हैं। सम्मेलन में जल प्रबंधन, वीर शिलाएं और प्राचीन व्यापार से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की जा रही है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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