Nepal Floods Satellite Images Planet Labs: उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले और तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में बुधवार को आई भयानक फ्लैश फ्लड ने तबाही का ऐसा मंजर दिखाया है, जिसे देखकर हर कोई सिहर उठा है। प्लैनेट लैब्स द्वारा जारी की गई 'बिफोर और आफ्टर' (तबाही से पहले और बाद की) सैटेलाइट तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कैसे हरे-भरे गांव, सड़कें और बुनियादी ढांचा एक ही झटके में मलबे के ढेर और गाद में तब्दील हो गए हैं।
ताजा जानकारी के अनुसार, इस त्रासदी में मृतकों की संख्या बढ़कर 160 हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं। खराब मौसम और जगह-जगह टूटे संचार तंत्र के कारण राहत और बचाव टीमों को प्रभावित क्षेत्रों (जैसे मनकामना घाटी और खड्गा भंज्यांग) तक पहुंचने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

ऊपर दी गई सैटेलाइट तस्वीरों में 23 अगस्त 2026 को बाढ़ से पहले और 26 अगस्त 2026 को आपदा के बाद मनकामना गांव के पास की घाटियां दिखाई गई हैं।
133 से अधिक भारतीय और कई NRI लापता
तिब्बत की सीमा के निकट मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई और करीब 160 लोगों की मौत हो गई तथा 133 भारतीय नागरिक समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं।
बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई, कई महत्वपूर्ण पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। रसुवा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और ट्रैकिंग रूट्स पर मौजूद कई पर्यटक बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आ गए।
नेपाल पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि अचानक आई बाढ़ में 157 लोगों की मौत हुई है। नेपाल सरकार ने कहा कि करीब 500 लोग लापता हैं, जबकि चीन के सरकारी सीजीटीएन न्यूज चैनल ने बताया कि सीमा के चीनी हिस्से में तीन लोगों की मौत हुई और 265 लोग लापता हैं।

ऊपर दी गई सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल के खड्गा भंज्यांग गांव को 23 अगस्त, 2026 को अचानक आई बाढ़ से पहले और फिर 26 अगस्त, 2026 को बाढ़ आने के बाद दिखाया गया है।
'ग्लेशियर लेक' फटने की आशंका, UP और बिहार में NDRF का हाई अलर्ट
केंद्रीय जल आयोग (CWC) और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) के मुताबिक, भारत-नेपाल सीमा से करीब 160 किलोमीटर दूर रसुवागढ़ी के पास त्रिशूली नदी के जलस्तर में अचानक हुई यह वृद्धि तिब्बत सीमा पर 'ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (GLOF - हिमनद झील फटने) के कारण हुई मानी जा रही है।
चूंकि त्रिशूली नदी आगे चलकर भारत में गंडक नदी के रूप में बहती है, इसलिए उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों (जैसे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, कुशीनगर) में संभावित बाढ़ की लहर को देखते हुए NDRF की टीमों को तैनात और सतर्क कर दिया गया है।
पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बात, मदद का दिया भरोसा
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर इस त्रासदी में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, 'नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर मैंने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस कठिन समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं। हम राहत और बचाव कार्यों में पूरी तरह से समन्वय बना रहे हैं और हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं।'
