Nepal Flash Flood: नेपाल में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने रासुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत की तरफ से अचानक भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने देखते ही देखते घरों, सड़कों, पुलों को अपनी चपेट में ले लिया। सैकड़ों लोगों की जान जाने की खबर सामने आ चुकी है। हजारों लोग लापता हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी है। भारत सहित कई देश इस त्रासदी में नेपाल के साथ खड़ी है। वहीं, इस बाढ़ से जुड़ी कई दिल दहलाने वाली वीडियो सामने आ रही है। वीडियो में पानी और मलबे की तेज धार के सामने मजबूत ढांचे भी कुछ ही सेकंड में ढहते नजर आ रहे हैं।
देखते ही देखते बह गया पूरा इलाका
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर तिमुरे बाजार और रासुवागढ़ी बॉर्डर क्रॉसिंग के कस्टम क्षेत्र में दिखाई दिया। भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़े जलस्तर ने इलाके को भारी मलबे से पाट दिया। कई जगह सड़कें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि बिजली और संचार व्यवस्था पर भी असर पड़ा।वीडियो देख सहम गई दुनिया!
सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में नदी का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है। तेज बहाव के बीच पुलों के टूटने और घरों के पानी में समा जाने के दृश्य बेहद भयावह हैं। वीडियो में एक घर झुककर पास की इमारत पर गिरता हुआ दिखाई देता है। दोनों इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। वहीं, एक दूसरे वीडियो में पुल का एक हिस्सा बहता हुआ दिखाई दे रहा है। यह बीच से टूट गया और फिर पानी के तेज बहाव में बह गया। एक रिहायशी इलाके से आए वीडियो में पानी में पूरी तरह डूबे टायरों वाली बसें स्थिर खड़ी दिखाई दे रही हैं।
फ्लैश फ्लड में कम से कम 160 लोगों की मौत हुई है। नेपाल के रासुवा जिले में ही 157 मौतों की पुष्टि हुई, जबकि सीमा के दूसरी तरफ चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी तीन लोगों की मौत हुई है। सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन सड़कों, पुलों और संचार नेटवर्क के क्षतिग्रस्त होने के कारण बचाव टीमों को कई इलाकों तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है।
कैसे आई इतनी खतरनाक बाढ़?
इस आपदा के पीछे ग्लेशियर से जुड़ा बर्फ और चट्टानों का बड़ा लैंडस्लाइड/एवलॉन्च हो सकता है। इससे नदी में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी पहुंचा और कुछ ही समय में विनाशकारी फ्लैश फ्लड पैदा हो गई। सैटेलाइट विश्लेषण में रासुवागढ़ी से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में एक बड़े आइस-रॉक लैंडस्लाइड के संकेत भी मिले हैं।
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर सबसे ज्यादा असर
भोटेकोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है और आगे चलकर त्रिशूली नदी में मिलती है। इसके बाद यही जल तंत्र भारत की ओर बढ़ता है और गंडक नदी प्रणाली का हिस्सा बनता है। इसलिए इस तरह की बड़ी आपदा का असर सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं रहता।
