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सुदर्शन पटनायक के नाम एक और रिकॉर्डः अब रेत पर 'उकेरी' विश्व की सबसे बड़ी हॉकी स्टिक, 105 फुट है लंबाई

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jan 17, 2023, 01:47 PM IST

Sudarsan Pattnaik's Largest Sand Hockey Stick: ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले ‘सैंड आर्टिस्ट’ सुदर्शन पटनायक रेत से कलाकृतियां उकेरने के लिए देश-दुनिया में खासा मशहूर हैं।

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सुदर्शन पटनायक ओडिशा से ताल्लुक रखते हैं और वह जाने-माने सैंड आर्टिस्ट हैं। (सोर्सः टि्वटर/IANS)

Photo : टाइम्स नाउ ब्यूरो

Sudarsan Pattnaik's Largest Sand Hockey Stick: देश के जाने-माने सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक के नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। उन्होंने अब अपनी कला और क्रिएटिविटी के कॉम्बो से रेत पर दुनिया की सबसे बड़ी हॉकी स्टिक बनाई है। सैंड पर बनाई गई यह हॉकी वाली छड़ी 105 फुट लंबी है।

उन्होंने कटक में महानदी के किनारे 5000 हॉकी गेंदों से 105 फुट लंबी रेत की हॉकी स्टिक बनाई थी। पटनायक की बनाई हॉकी स्टिक को वर्ल्ड रिकाडर्स इंडिया गैर सरकारी संगठन ने रेत से बनाई गई दुनिया की सबसे बड़ी हॉकी स्टिक करार दिया है।

उन्होंने हॉकी स्टिक के सामने नीली टर्फ भी बनाई है। पटनायक ने कहा,‘‘ मैं इस सर्टिफिकेट से बहुत खुश हूं । यह स्टिक विश्व कप के उद्घाटन समारोह के समय बनाई गई थी।’’

पटनायक ने सैंड से यह स्टिक ऐसे वक्त पर बनाई, जब ओडिशा में फिलहाल एफआईएच पुरूष हॉकी विश्व कप चल रहा है। ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले ‘सैंड आर्टिस्ट’ सुदर्शन पटनायक रेत से कलाकृतियां उकेरने के लिए देश-दुनिया में खासा मशहूर हैं।

ITI स्टूडेंट्स ने स्क्रैप से बना दी 43 फुट ऊंची हॉकी स्टिक

उधर, सूबे के ब्रह्मपुर जिले में सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के छात्रों ने लोहे के कबाड़ से 43 फुट ऊंची दो हॉकी स्टिक बनाई हैं। ‘वेस्ट टू वेल्थ’ थीम वाली इस कलाकृति का उद्घाटन ब्रह्मपुर के सांसद चन्द्रशेखर साहू ने राज्य में चल रहे पुरुष हॉकी विश्वकप के दौरान किया। आईटीआई परिसर के कबाड़ कलाकृति पार्क में दोनों हॉकी स्टिक तिरंगे के रंग में रंगी हैं और इन पर रोशनी के लिए बल्ब लगाए गए।

आईटीआई के प्रधानाचार्य रजत पाणिग्रही ने बताया कि फिटर, वेल्डर, बिजली मिस्त्री सहित विभिन्न हुनर सीख रहे करीब 400 छात्रों ने लोहे के लगभग चार टन कबाड़ का उपयोग करके एक पखवाड़े में यह कलाकृति बनाई है। लोहे का सारा कबाड़ संस्थान की कार्यशाला और शहर के विभिन्न गैराज से एकत्र किया गया था। साहू ने कहा कि विश्वकप समाप्त होने के बाद भी कलाकृति लोगों को राष्ट्रीय खेल खेलने को प्रेरित करती रहेगी।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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