Happy Holi 2023: कहते हैं कि आस्था और अंधविश्वास के बीच एक बहुत ही महीन रेखा होती है अगर उसे माना जाए तो आस्था और अगर ना माना जाए तो अंधविश्वास। इसी आस्था और अंधविश्वास खेल में ऐसी प्रथाएं जन्म लेती हैं जो लोगों के लिए मान्यता बन जाती हैं और सालों तक लोग उसे परंपरा मानकर आगे बढ़ते हैं। ऐसा ही कुछ देखने को मिलता है सूरत जिले में आए ओलपाड तहसील के सरस गांव में, जहां 80 साल से अंगारों पर चलने की परंपरा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।
सूरत के गांव में अजीबोगरीब होली
सूरत जिले में आए इस छोटे से गांव सरस में वर्षों से अनोखे तरीके से होलिका दहन उत्सव मनाया जाता है। हालांकि यह दृश्य कई लोगों को सोचने पर मजबूर भी कर सकते हैं लेकिन सरस गांव के लोगों के लिए यह एक परंपरा है जिसे वह तहे दिल से निभाते आ रहे हैं। इस गांव में अंगारों पर चलने की प्रथा प्रचलित है, जिसके तहत क्या बच्चा और क्या बूढ़ा ,हर कोई अंगारों पर ऐसे चलता है मानो किसी जमीन पर चल रहा हो।
सूरत शहर से मात्र 35 किलोमीटर दूर आए इस गांव में होलिका दहन के बाद इस प्रथा को धूमधाम से आयोजित किया जाता है जिसमें पूरा गांव हिस्सा लेता है। सरस गांव में रात के समय होलिका दहन के बाद 5 से 6 सेंटीमीटर तक अंगारे बिछाए जाते हैं और उस पर सभी लोग चलकर अपने आस्था को प्रकट करते हैं। इस पूरे आयोजन को देखने के लिए न केवल सरस गांव बल्कि जिले के सभी गांव से बड़ी संख्या में भीड़ जुटती है।
