Why Employee Quit Job: प्राय: देखा जाता है कि कंपनी में ज्वाइनिंग के बाद छह महीने के अंदर ही एम्प्लॉय वहां जॉब छोड़ देते हैं। इससे मैनेजमेंट को फर्क पड़े या न पड़े लेकिन कंपनी के HR डिपार्टमेंट की मुश्किलें शायद बढ़ जाती हैं। क्योंकि ऐसे में उनको दोबारा नए एम्प्लॉय की खोज करनी पड़ जाती है। फिर उसका टेस्ट, इंटरव्यू, ऑफर लेटर, सैलरी फिटमेंट जैसी वही कवायद करनी पड़ती है। HR की मुश्किलों को समझते हुए लिंक्डइन पर एक यूजर ने कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने की 4 वजहें बताई हैं। अपनी पोस्ट के माध्यम से उन्होंने बताया है कि, आखिर ज्वाइनिंग के छह महीने बाद ही लोग कंपनी क्यों छोड़ देते हैं। उनकी पोस्ट को पढ़ने के बाद कई यूजर्स ने अपने एक्सपीरिएंस भी शेयर किए।
ये हैं वो प्रमुख 4 कारण
लिंक्डइन उपयोगकर्ता भारती पवार लिखती हैं कि, 'लिंक्डइन उपयोगकर्ता भारती पवार ने लिखा, “कर्मचारी 6 महीने या एक साल में किसी कंपनी को छोड़ने के लिए ज्वाइन नहीं करते हैं। वे इसलिए छोड़ देते हैं क्योंकि- खराब माहौल, कम वेतन और बिना पैसे का ओवरटाइम, लिमिट से ज्यादा काम का दबाव, भाई-भतीजावाद यानी नेपोटिज्म और ऑफिस की राजनीति।' अंत में भारती पवार ने कहा कि, 'किसी को भी बार-बार नौकरी छोड़ना पसंद नहीं है। माहौल उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर करता है।' इस पोस्ट को कुछ घंटे पहले शेयर किया गया था जिसके बाद से अब तक इसे कई लोगों ने लाइक किया है।
यूजर्स ने शेयर किए एक्सपीरिएंस
HR एग्जीक्यूटिव के कारण बताने के बाद कमेंट बॉक्स में कई लोगों ने अपने एक्सपीरिएंस बताए। एक यूजर ने कहा कि, 'मैं और मेरे सहकर्मी भी पिछले कुछ हफ्तों से ऐसी दिक्कतें ही झेल रहे हैं। हम चाहे कितनी भी मेहनत कर लें मेरा मैनेजर हमेशा अपमानित कर डांटता है। यहीं पर एक ईमानदार कर्मचारी की सहनशीलता की परीक्षा अपने चरम पर होती है।' दूसरे यूजर ने कहा कि, 'एचआर को प्रतिभा और प्रबंधन के बीच की खाई को भरना चाहिए, लेकिन ज्यादातर छोटे और मध्यम संगठनों में केवल सस्ते लाभ व आधिकारिक बने रहने के लिए एचआर राजनीति पैदा करने वालों के साथ शामिल हो जाते हैं। कॉर्पोरेट जगत में एचआर खलनायकों के नए पर्याय बन गए हैं। मैं दिन-ब-दिन देख रहा हूं कि लोग अपने एक्स गर्लफ्रेंड-ब्वॉयफ्रेंड की तुलना में एचआर से अधिक नफरत करने लगे हैं।' ऐसे ही कई कमेंट्स से यूजर की पोस्ट का पूरा बॉक्स भर गया है और अब भी लोग लगातार इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
