आजकल सोशल मीडिया पर ऑफिस से जुड़े कई मजेदार किस्से वायरल होते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला इन दिनों Reddit पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें एक कर्मचारी ने FIFA World Cup फाइनल देखने के लिए पहले से छुट्टी की प्लानिंग कर ली थी लेकिन उसके बॉस ने आखिरी समय में उसकी छुट्टी रद्द कर दी। अब यह मामला सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग राय दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह रेडिट पोस्ट
Reddit पर शेयर की गई पोस्ट के मुताबिक, कर्मचारी फुटबॉल का बहुत बड़ा फैन था। पिछले कुछ समय से वह लगातार छुट्टियां ले रहा था और कई बार देर से ऑफिस भी पहुंच रहा था। शुरुआत में उसने अलग-अलग कारण बताए, लेकिन उसके मैनेजर को उस पर शक होने लगा। जब कर्मचारी से देर से आने की वजह पूछी गई तो उसने ट्रैफिक का बहाना बनाया। इसी दौरान एक दूसरे मैनेजर ने मजाक में कह दिया कि शायद वह देर रात तक FIFA मैच देखता है। बस, यहीं से पूरा मामला बदल गया।
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कर्मचारी की छुट्टी पर बॉस ने चला दिया ब्रेक
बताया गया कि मैनेजर ने कर्मचारी की छुट्टियों और देर से आने की तारीखों की तुलना FIFA मैचों के शेड्यूल से की। जांच में पता चला कि कई छुट्टियां और देरी फ्रांस, अर्जेंटीना और पुर्तगाल के मैचों वाले दिनों से मेल खा रही थीं। इसके बाद कर्मचारी को चेतावनी दी गई कि अब बिना जरूरी कारण छुट्टी नहीं मिलेगी लेकिन कर्मचारी ने पहले से ही FIFA विश्व कप फाइनल के दिन छुट्टी ले रखी थी। उसने छुट्टी की वजह परिवार का एक कार्यक्रम बताया था।
मैच देखने की प्लानिंग हुई फेल
हालांकि, बाद में मैनेजर को सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो (Viral Video) दिखा, जिसमें एक स्कूल ने FIFA फाइनल देखने के लिए छात्रों को छुट्टी दी थी। इसके बाद उसे शक हुआ कि कर्मचारी भी मैच देखने के लिए ही छुट्टी ले रहा है। मैनेजर ने कर्मचारी को मैसेज भेजकर छुट्टी रद्द कर दी और परिवार के कार्यक्रम का सबूत, जैसे ट्रेन टिकट या निमंत्रण पत्र, मांगा। पोस्ट के अनुसार कर्मचारी कोई सबूत नहीं दिखा सका। इसके बाद उसे सोमवार सुबह 9 बजे ऑफिस आने का निर्देश दिया गया। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ लोग बॉस के फैसले को सही बता रहे हैं और कह रहे हैं कि बार-बार झूठ बोलना गलत है। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि पहले से मंजूर छुट्टी रद्द करना भी ठीक नहीं है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
