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8वां वेतन आयोग: पेंशनर्स की 10 बड़ी मांगें, पेंशन बढ़ोतरी और OPS को लेकर बढ़ी उम्मीदें

8th Pay Commission Pension: 8वें वेतन आयोग से 1 करोड़ कर्मचारियों-पेंशनरों को फायदा होगा। पेंशनभोगियों ने न्यूनतम पेंशन 67% करने, 11-12 साल में कम्यूटेशन बहाली और OPS के विकल्प जैसी 10 प्रमुख मांगें रखी हैं।

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8वां वेतन आयोग: पेंशनर्स की 'धाकड़' मांगें, पेंशन बढ़ोतरी, कम्यूटेशन और OPS पर सरकार से आर-पार!

8th Pay Commission Pension : केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) को लेकर हलचल तेज हो गई है। आयोग इस समय अपने परामर्श चरण (Consultation Stage) में है। इसके तहत आयोग की टीम अलग-अलग राज्यों का दौरा कर रही है और कर्मचारी संगठनों, पेंशनर एसोसिएशनों और अन्य हितधारकों के साथ बैठकें करके उनके सुझाव जुटा रही है। पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह आयोग अगले साल तक अपनी सिफारिशें सौंपेगा। इस आयोग में पूर्व IAS अधिकारी पंकज जैन सदस्य-सचिव और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष बतौर सदस्य शामिल हैं।

किसे और कब मिलेगा 8वें वेतन आयोग का फायदा?

हर 10 साल में गठित होने वाला वेतन आयोग करीब 1 करोड़ लाभार्थियों को सीधा फायदा पहुंचाएगा। इसमें करीब 50 लाख मौजूदा केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख से अधिक सेवानिवृत्त पेंशनभोगी शामिल हैं, जिनमें रक्षा क्षेत्र के सेवानिवृत्त जवान और अधिकारी भी शामिल हैं। आयोग के गठन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि इसकी आधिकारिक घोषणा मई 2027 तक हो सकती है। आयोग के आधिकारिक 'नियम और शर्तें' (Terms of Reference - ToR) पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिसके तहत 31 दिसंबर 2025 को या उससे पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की पेंशन समीक्षा भी आयोग के एजेंडे में है।

पेंशनभोगियों की प्रमुख मांगें

परामर्श बैठकों के दौरान विभिन्न पेंशनर संगठनों (जैसे NC-JCM, महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन, AIDEF आदि) ने आयोग के सामने 10 मुख्य मांगें रखी हैं:-

  1. न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी: मांग की गई है कि न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर अंतिम प्राप्त वेतन (Last Pay Drawn - LPD) या अंतिम 10 महीनों के औसत वेतन का कम से कम 67% किया जाए।
  2. उम्र के आधार पर पेंशन वृद्धि: 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनरों के लिए उम्र के अनुसार पेंशन बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।
  3. फिटमेंट फैक्टर का संशोधन: पेंशन की गणना के लिए इस्तेमाल होने वाले फिटमेंट फैक्टर को सुधारने की मांग की गई है।
  4. महंगाई राहत (DR) का पुनरीक्षण: महंगाई राहत की संरचना की समीक्षा कर इसे पेंशन लाभों के साथ बेहतर ढंग से जोड़ने का सुझाव दिया गया है।
  5. फैमिली पेंशन का दायरा बढ़ाना: पारिवारिक पेंशन के नियमों को अधिक उदार और विस्तृत बनाने की मांग की गई है।
  6. ग्रेच्युटी की सीमा में वृद्धि: सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को बढ़ाने की सिफारिश की गई है।
  7. पेंशन कम्यूटेशन नियमों में बदलाव: कम्यूटेड (एकमुश्त ली गई) पेंशन की बहाली की अवधि को घटाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
  8. पेंशन योजना चुनने का विकल्प: कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS), राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में से अपनी पसंद का विकल्प चुनने की छूट मिले।
  9. Rule 10A की समीक्षा: सेंट्रल सिविल सर्विसेज (कम्यूटेशन ऑफ पेंशन) रूल्स, 1981 के नियम 10A में संशोधन की मांग की गई है।
  10. एक्चुआरियल डेटा का अपडेशन: पेंशन कम्यूटेशन टेबल को आधुनिक वित्तीय और जनसांख्यिकीय आंकड़ों के आधार पर संशोधित किया जाए।

उम्र के अनुसार पेंशन बढ़ोतरी का प्रस्तावित ढांचा

पेंशनभोगी संगठनों ने 65 वर्ष की आयु से ही पेंशन में चरणबद्ध बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है, जो 90 वर्ष की आयु तक 100% तक पहुंच जाएगा:-

  • 65 वर्ष की आयु: अंतिम वेतन का 70%
  • 70 वर्ष की आयु: अंतिम वेतन का 75%
  • 75 वर्ष की आयु: अंतिम वेतन का 80%
  • 80 वर्ष की आयु: अंतिम वेतन का 85%
  • 85 वर्ष की आयु: अंतिम वेतन का 90%
  • 90 वर्ष और उससे अधिक: अंतिम वेतन का 100%

पेंशन कम्यूटेशन अवधि घटाकर 10 से 12 साल करने की मांग

मौजूदा नियमों के तहत कम्यूटेड पेंशन की राशि की भरपाई 15 साल में होती है। पेंशनर संगठनों का तर्क है कि 15 साल का यह नियम दशकों पुराने वित्तीय और सांख्यिकीय आंकड़ों पर आधारित है, जो अब अप्रासंगिक हो चुके हैं।

विभिन्न यूनियनों ने इसे घटाकर 10 से 12 साल करने की मांग की है:-

  • 11 साल की मांग: NC-JCM, AIDEF, FNPO और भारत पेंशनर्स समाज (BPSAPA) ने कम्यूटेशन बहाली की अवधि 11 साल करने का प्रस्ताव दिया है।
  • 12 साल की मांग: इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 12 साल की अवधि की सिफारिश की है।
  • 10 साल की मांग: ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने इसे घटाकर 10 साल करने की मांग रखी है।

कब तक आ सकती हैं अंतिम सिफारिशें?

वेतन आयोग की चर्चाएं और परामर्श अभी जारी हैं और इन मांगों पर केंद्र सरकार की ओर से अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। आयोग की सिफारिशें आने के बाद केंद्र सरकार उन्हें मंजूरी देगी, जिसके बाद ही इन्हें लागू किया जाएगा। आयोग के पास अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए गठन की तारीख (3 नवंबर 2025) से 18 महीने का समय है। इस समय सीमा के अनुसार, फरवरी से अप्रैल 2027 के बीच सिफारिशों की पहली आधिकारिक घोषणा देखने को मिल सकती है। आयोग के लिए रिपोर्ट जमा करने की अंतिम समय सीमा मई 2027 तय की गई है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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