Samosa Difference India Pakistan: भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देशों में समोसा बेहद लोकप्रिय स्नैक है। चाय के साथ खाने का मजा हो या शाम की हल्की भूख, समोसा हर जगह पसंद किया जाता है। हालांकि दोनों देशों की संस्कृति और खानपान काफी मिलती-जुलती है, इसलिए समोसे में भी बहुत बड़ा फर्क नहीं है। फिर भी स्वाद, भरावन और बनाने के तरीके में कुछ छोटे-छोटे अंतर जरूर देखने को मिलते हैं। सबसे पहले बात करते हैं भारत की। भारत में, खासकर उत्तर भारत में, समोसे ज्यादातर शाकाहारी होते हैं। इनमें उबले हुए आलू, मटर, हरी मिर्च और कई तरह के मसाले डाले जाते हैं।
पाकिस्तानी समोसे ज्यादा मसालेदार और तीखे
कभी-कभी इसमें काजू, किशमिश या पनीर भी मिलाया जाता है। इसका स्वाद हल्का मसालेदार और संतुलित होता है। वहीं पाकिस्तान (street food india pakistan) में भी आलू वाले समोसे मिलते हैं, लेकिन वहां कई जगह मांस वाले समोसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। खासकर कराची और पेशावर जैसे इलाकों में चिकन या मटन से बने समोसे खूब खाए जाते हैं। अब अगर तीखेपन की बात करें, तो पाकिस्तानी समोसे अक्सर ज्यादा मसालेदार और तीखे होते हैं। उनमें मसालों का स्वाद तेज होता है। दूसरी तरफ भारतीय समोसे का स्वाद थोड़ा संतुलित होता है, जिसे बिना चटनी के भी आसानी से खाया जा सकता है।
साइज और बनावट में भी थोड़ा फर्क
साइज और बनावट में भी थोड़ा फर्क देखने को मिलता है। भारत में समोसे आमतौर पर बड़े और त्रिकोण आकार के होते हैं, जिनका बाहरी हिस्सा खस्ता होता है। पाकिस्तान में कुछ जगह छोटे और पतले समोसे मिलते हैं, जिन्हें “कागजी समोसा” कहा जाता है। यह काफी कुरकुरे होते हैं और जल्दी खाए जाते हैं। परोसने के तरीके में भी अंतर है। भारत में समोसे को हरी चटनी, इमली की चटनी या समोसा चाट के रूप में परोसा जाता है। वहीं पाकिस्तान में इसे चटनी या सॉस के साथ और अक्सर चाय के साथ खाया जाता है। एक खास बात यह भी है कि समोसा सिर्फ भारत या पाकिस्तान का नहीं, बल्कि इसका इतिहास मध्य एशिया और फारस से जुड़ा माना जाता है। समय के साथ यह दोनों देशों में अलग-अलग अंदाज में विकसित हुआ है।
