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ट्रेन के साथ लड़की ने लगाई रेस, भड़के यूजर्स ने कहा - जरा सी चूक जान ले सकती है

दिल्ली की इन्फ्लुएंसर पीकू सिंह ने रेलवे ट्रैक पर दौड़कर खतरनाक स्टंट किया, जिसे कुछ ने सराहा और अधिकांश ने गैर-जिम्मेदाराना बताया। यह घटना इंटरनेट पर प्रसिद्धि की चाहत में जोखिम उठाने के मुद्दे को उजागर करती है, जो कि युवा पीढ़ी पर गलत प्रभाव डाल सकती है।

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दौड़ती ट्रेन के साथ लड़की ने लगाई रेस (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • ट्रेन के साथ लड़की ने लगाई रेस
  • गैर-जिम्मेदाराना हरकत पर भड़के यूजर्स
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

Race With Speeding Train: इंटरनेट पर प्रसिद्धि पाने की चाहत में लोग कई बार बेहद खतरनाक स्टंट्स का सहारा लेते हैं। हाल ही में दिल्ली की इन्फ्लुएंसर पीकू सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रेलवे ट्रैक पर दौड़ती नजर आ रही हैं। यह स्टंट भले ही उनके फिटनेस प्रदर्शन का हिस्सा हो, लेकिन यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। रेलवे ट्रैक पर दौड़ने का विचार खतरनाक है, क्योंकि ट्रेन के आने की गति का अंदाजा लगाना हमेशा संभव नहीं होता।

इस वीडियो को देखने के बाद, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने पीकू की फिटनेस और आत्मविश्वास की तारीफ की, जबकि अधिकांश लोगों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक करार दिया। नेटिजन्स का कहना है कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि लोग केवल लाइक्स और व्यूज पाने की होड़ में अपनी जान को खतरे में डालने से भी नहीं चूकते। यह स्थिति सोचने पर मजबूर करती है कि क्या सही में फेमस होने की यह कीमत उचित है?

दौड़ती ट्रेन के साथ लड़की ने लगाई रेस

सोशल मीडिया का यह ताना-बाना हमें इस बात का एहसास कराता है कि फेम पाने के रास्ते में हम क्या कदम उठा रहे हैं। ग्राहकों की प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट है कि ऐसे स्टंट्स न केवल दूसरों को प्रेरित करते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी पर भी गलत प्रभाव डाल सकते हैं। इंटरनेट पर फेम पाने की चाहत में, क्या हम अपनी सुरक्षा को जोखिम में डाल रहे हैं? इस प्रश्न का सही उत्तर हम सभी को स्वयं ही तलाशना होगा।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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