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'सच्चा स्टार वही, जो रोशनी फैलाए...', राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फिल्म कलाकरों से हानिकारक उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में फिल्म कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकप्रिय कलाकारों का युवाओं और बच्चों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। राष्ट्रपति ने फिल्म पुरस्कारों की जूरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और फिल्म उद्योग के कामगारों, छोटे कलाकारों व सहायकों के सम्मान तथा सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

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मुर्मू ने कलाकारों से हानिकारक उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को फिल्मी कलाकारों से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील की। युवाओं पर मशहूर हस्तियों के विचारों के प्रभाव को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि एक ''सच्चा स्टार'' रोशनी फैलाता है, अंधेरा नहीं। मुर्मू ने 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के पास एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित एक भव्य समारोह में फिल्म उद्योग की शीर्ष हस्तियों की मौजूदगी में 2024 के लिए विभिन्न श्रेणियों में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए।

राष्ट्रपति ने कहा, ''जब सफल कलाकार अनुशासित जीवनशैली के फायदों पर बात करते हैं, तो लाखों बच्चे और युवा उनका अनुसरण करते हैं। इसलिए मैं लोकप्रिय कलाकारों से अपील करती हूं कि वे लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों का विज्ञापन न करें। एक सच्चा सितारा वही है जो रोशनी फैलाता है, अंधेरा नहीं।''

राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए फिल्मों का चयन करने वाले निर्णायक मंडल में महिलाओं की अधिक भागीदारी का भी आह्वान किया। समारोह में कई महिलाओं को पुरस्कार मिलने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ''मैं हर क्षेत्रीय निर्णायक मंडल में महिलाओं की भागीदारी होते देखना चाहूंगी।'' उन्होंने कहा कि निर्णायक मंडल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व होना चाहिए, क्योंकि ''किसी भी क्षेत्र में महिला दृष्टिकोण को शामिल करने से एक समग्र मानवीय दृष्टिकोण विकसित करना संभव होता है।''

छोटे कलाकारों और कामगारों के सम्मान पर जोर

राष्ट्रपति ने फिल्म उद्योग से अपील की कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले कामगारों, छोटे कलाकारों, सहायकों और अन्य लोगों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए, जो अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुर्मू ने कहा, ''कृपया यह सुनिश्चित करें कि इस अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले श्रमिकों, छोटे कलाकारों, सहायकों और अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा दोनों मिले।''

'उम्मीद है कि आप इन अनुरोधों पर ध्यान दे रहे होंगे'

मुर्मू ने याद दिलाया कि पिछले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उन्होंने उद्योग से फिल्म निर्माण से जुड़े प्रत्येक सदस्य के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता को अपनी कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा, ''मुझे उम्मीद है कि आप इन अनुरोधों पर ध्यान दे रहे होंगे।''

राष्ट्रपति ने फिल्म कलाकारों को रचनात्मक अर्थव्यवस्था का प्रमुख प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि लोकप्रिय कलाकारों में नागरिकों, खासकर युवाओं को प्रभावित करने की अपार क्षमता होती है। उन्होंने देश में बन रही फिल्मों की गुणवत्ता की भी सराहना की। मुर्मू ने कहा कि भारतीय फिल्मों की गुणवत्ता ने उनका यह विश्वास और मजबूत किया है कि भारतीय फिल्में गुणवत्ता के मामले में विश्व स्तरीय मानक स्थापित करेंगी।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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