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होने वाली थी फांसी, अपराधी ने कर डाली ऐसी डिमांड कि हिल गया पूरा सिस्टम, बदलना पड़ा नियम

एक कैदी की शरारत ने जेल प्रशासन को इस कदर परेशान कर दिया कि वे अपनी 100 साल पुरानी परंपरा को एक झटके में खत्म करने को मजबूर हो गए।

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सांकेतिक तस्वीर (AI)

कहते हैं कि इंसान की मौत के समय उसके आखिरी पलों में उसकी हर ख्वाहिश पूरी करने की कोशिश की जाती है। जो भी उसकी आखिरी ख्वाहिश होती है, वह पूरी करने की कोशिश की जाती है। ऐसे ही अपने आखिरी पलों में जी रहे एक शख्स ने अपनी ऐसी अंतिम इच्छा जताई कि चारों तरफ हड़कंप मच गया।

लास्ट मील की परंपरा

दरअसल, ये मामला अमेरिका की एक जेल का है, जहां जेल में मौत की सजा पाने वाले कैदियों को फांसी से एक रात पहले अपनी पसंद का आखिरी खाना मंगाने का हक मिलता था और इसे 'लास्ट मील' कहा जाता था। लेकिन यह लास्ट मील की परंपरा तब खत्म हो गई जब फांसी की सजा पाने वाले एक कैदी ने अपनी लास्ट मील में इतना कुछ ऑर्डर करने के बाद उसे खाना तो दूर उसे छुआ तक नहीं।

वह कैदी कौन था?

अब आइए आपको बताते हैं कि वह कैदी आखिर था कौन जिसकी वजह से सालों की परंपरा टूट गई। इस कैदी का नाम लॉरेंस रसेल ब्रूअर था, जिसे एक व्यक्ति की बेरहमी से की गई हत्या के इल्जाम में फांसी की सजा सुनाई गई थी। 44 साल का लॉरेंस रसेल ब्रूअर अमेरिका के टेक्सास की जेल में बंद था। अपनी फांसी से पहले उसने लास्ट मील में जो कुछ भी ऑर्डर किया, वह सुनकर जेल प्रशासन हैरान रह गया। दरअसल, ब्रूअर ने अपनी लास्ट मील की लिस्ट इतनी लंबी बनाई कि उसे बनाने और परोसने में काफी मेहनत के साथ-साथ काफी पैसे भी खर्च करने पड़ते।

कैदी ने लास्ट मील के तौर पर इन चीजों की डिमांड की:

  • ट्रिपल मीट बेकन
  • चीज बर्गर
  • मीट लवर्स पिज्जा
  • बीफ और सब्जियों वाला चीज ऑमलेट
  • तीन फजीता (ग्रिल्ड मीट)
  • दो चिकन फ्राइड स्टेक (ग्रेवी और प्याज के साथ)
  • एक बड़ा बाउल ओकरा और केचप
  • एक पाउंड बार बेारबेक्यू मीट
  • आधी रोटी
  • पीनट बटर फज (क्रश्ड मूंगफली के साथ)
  • एक पिंट आइसक्रीम
  • तीन रूट बीयर

कैदी की शरारत

फांसी पर लटकने वाले कैदी की लास्ट मील की डिमांड को पूरा करने के लिए जेल प्रशासन ने पूरी मेहनत से सबकुछ बनाया और उसे परोसा, लेकिन जब लजीज खाने की प्लेटें उस कैदी के सामने आईं तो उसने बड़े ही ठंडे लहजे में कहा कि, "मुझे भूख नहीं है।" कैदी ने एक निवाला भी नहीं खाया।

जेल ने क्या किया?

ब्रूअर के इस रवैये से जेल अधिकारी गुस्से से लाल हो गए। इतना खर्चा, इतनी मेहनत बेकार होने के बाद उसी दिन टेक्सास डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल जस्टिस (TDCJ) ने यह ऐलान किया कि, "अब किसी कैदी को स्पेशल लास्ट मील नहीं मिलेगा। सबको वही खाना मिलेगा, जो बाकी कैदियों को मिलता है।" टेक्सास के सीनेटर जॉन व्हिटमायर ने कहा, "जिसने हत्या की, उसने शिकार को कोई मौका नहीं दिया। उसे स्पेशल सुविधा क्यों?"

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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