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ये कैसा रिश्ता? शादी के 20 साल...फिर भी पति-पत्नी के तीन कॉमन गर्लफ्रेंड, सबकी सच्चाई जान कहेंगे....

अमेरिका के फ्लोरिडा के रॉबिन और क्रिस्टोफर एलेसिच ने शादी के 20 साल पूरे कर लिए हैं। उन्होंने अपने रिश्ते को पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि खुले संवाद और तय सीमाओं के साथ निभाया। उनका कहना है कि बहु-प्रेम सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि भावनात्मक समझ, भरोसे और ईमानदारी पर टिका होता है।

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20 साल की शादी में पति-पत्नी दोनों की बनीं 3 गर्लफ्रेंड्स (फोटो: एआई)

कई लोग मानते हैं कि शादी को मजबूत बनाए रखने के लिए सिर्फ एक ही साथी से जुड़ा रहना जरूरी होता है। लेकिन अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थित फ्लोरिडा के एक दंपति ने इस सोच से अलग रास्ता चुना और आज उनकी शादी को पूरे 20 साल हो चुके हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपने रिश्ते को बंद रखने के बजाय खुला बनाकर मजबूत किया। फ्लोरिडा के सेंट क्लाउड शहर में रहने वाले रॉबिन और क्रिस्टोफर एलेसिच अपनी शादी की 20वीं सालगिरह मना रहे हैं। उन्होंने शादी के शुरुआती नौ साल एक सामान्य पति-पत्नी वाले रिश्ते में बिताए। बाद में उनकी सोच बदली कि रिश्ता सिर्फ एक तरीके से ही क्यों चले। एक बार उनके घर एक महिला दोस्त रहने आई, जिसके बाद दोनों के बीच गहरी बातचीत शुरू हुई। इसी बातचीत ने उन्हें 2011 में अपने रिश्ते को नया रूप देने के लिए प्रेरित किया।

'रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत खुला और ईमानदार संवाद'

रॉबिन और क्रिस्टोफर का कहना है कि उन्होंने अपने रिश्ते को खोलकर उसे कमजोर नहीं किया, बल्कि और मजबूत बनाया। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबाकि उनके जीवन में समय-समय पर तीसरा साथी भी शामिल रहा, लेकिन वे साफ कहते हैं कि बहु-प्रेम सिर्फ शारीरिक रिश्तों तक सीमित नहीं होता। रॉबिन के अनुसार, यह सिर्फ आकर्षण नहीं, बल्कि जीवन को साझा करने का तरीका है। आज रॉबिन 47 साल की हैं और क्रिस्टोफर 43 साल के हैं। शुरुआत में उन्हें खुद भी नहीं पता था कि उनकी जीवनशैली को क्या नाम दिया जाए। बाद में उन्होंने इसे बहु-प्रेम कहा और तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनका मानना है कि किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत खुला और ईमानदार संवाद होता है।

रॉबिन कहती हैं कि अगर रिश्ते में कोई भी परेशानी हो तो उसे छिपाने के बजाय खुलकर बात करनी चाहिए। जितनी ज्यादा बातचीत होगी उतना ही रिश्ता मजबूत बनेगा। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत से ही सीमाएं तय करना बहुत जरूरी होता है, ताकि आगे चलकर गलतफहमी या ईर्ष्या पैदा न हो। क्रिस्टोफर, जो एक बहु-प्रेम डेटिंग ऐप से जुड़े हैं, कहते हैं कि लोग अक्सर इस जीवनशैली को गलत समझते हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ बहाने से कई लोगों के साथ रिश्ता बनाने का तरीका है। लेकिन उनके मुताबिक सच्चाई यह है कि बहु-प्रेम का आधार भरोसा, सम्मान और भावनात्मक ईमानदारी होता है।

बहु-प्रेम हर किसी के लिए सही नहीं-रॉबिन और क्रिस्टोफर

रॉबिन बताती हैं कि कई लोग बहु-प्रेम इसलिए चुनते हैं क्योंकि वे प्यार को अपनी समझ से जीना चाहते हैं। यह किसी से भागने का तरीका नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के साथ रिश्ते निभाने का तरीका है। इसमें भावनात्मक जुड़ाव भी उतना ही जरूरी होता है जितना भरोसा। ईर्ष्या को लेकर भी लोग सवाल उठाते हैं। क्रिस्टोफर कहते हैं कि ईर्ष्या हर रिश्ते में होती है, चाहे वह एकनिष्ठ हो या बहु-प्रेम वाला। फर्क सिर्फ इतना है कि उससे कैसे निपटा जाए। अगर समय रहते अपनी असुरक्षाओं पर बात कर ली जाए तो समस्याएं बड़ी नहीं बनतीं।

उन्होंने एक खास भावना के बारे में भी बताया, जिसमें व्यक्ति अपने साथी को किसी और के साथ खुश देखकर भी अच्छा महसूस करता है। इसे वे ईर्ष्या के उलट भावना मानते हैं। हालांकि हर किसी के लिए यह आसान नहीं होता और इसके लिए खुद पर काम करना पड़ता है। रॉबिन और क्रिस्टोफर साफ कहते हैं कि बहु-प्रेम हर किसी के लिए सही नहीं है। यह जरूरी नहीं कि हर शादी में यही तरीका अपनाया जाए। लेकिन उनके लिए यह उनके मूल्यों के साथ मेल खाता है। वे मानते हैं कि रिश्ते को लेकर शर्म या डर नहीं होना चाहिए और अगर लोग सुरक्षित महसूस करें तो अपने जीवन के बारे में खुलकर बात कर सकते हैं।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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