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बेंगलुरू जाने से पहले कन्नड़ सीख रहा बिहार का ये छात्र, सोशल मीडिया पर मिलीं ढेरों तारीफें, देखें वायरल पोस्‍ट

Viral News: छात्र ने रेडिट पर लिखा कि, 'मुझे हमेशा से ऐसा लगता रहा है कि हिन्‍दी की तरह ही हर भारतीय भाषा मेरी है। चाहे वह बंगाली हो, ओडिया हो, गुजराती हो, मराठी हो, तमिल हो, कन्नड़ हो... वे सभी मुझे अपना हिस्सा लगती हैं।

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छात्र की पोस्‍ट वायरल।

Viral News: बिहार के एक 19 वर्षीय छात्र की सोशल मीडिया पर काफी तारीफें हो रही हैं। छात्र ने बेंगलुरु में कॉलेज शुरू करने से पहले कन्नड़ सीखने के अपने प्रयास के बारे में रेडिट पर शेयर किया। उसकी पोस्‍ट को वायरल होने में समय भी नहीं लगा। शहर में भाषा से संबंधित बढ़ते तनाव के बीच छात्र के उत्साह और सम्मानजनक रवैये ने कई लोगों को काफी प्रभावित किया। ये छात्र हिन्‍दी और अंग्रेजी भाषा में पारंगत है और भोजपुरी और संस्कृत से परिचित है ऐसे में इसने सभी भारतीय भाषाओं के प्रति अपने गहरे प्रेम को साझा किया। छात्र ने कन्नड़ सीखने की इच्छा व्यक्त की, ताकि वह महज एक मेहमान के रूप में नहीं, बल्कि समुदाय का वास्तविक हिस्सा महसूस कर सके।

छात्र ने रेडिट पर लिखा कि, 'मुझे हमेशा से ऐसा लगता रहा है कि हिन्‍दी की तरह ही हर भारतीय भाषा मेरी है। चाहे वह बंगाली हो, ओडिया हो, गुजराती हो, मराठी हो, तमिल हो, कन्नड़ हो... वे सभी मुझे अपना हिस्सा लगती हैं। और अब जब जीवन मुझे 4+ साल के लिए कर्नाटक में रहने का मौका दे रहा है, तो मैं वास्तव में कन्नड़ से वास्तविक, सार्थक तरीके से जुड़ना चाहता हूं।' उसने कहा कि वह ईमानदारी से और धीरे-धीरे कन्नड़ सीखना पसंद करता है, शॉर्टकट से बचता है। वह शास्त्रीय कन्नड़ साहित्य, खासकर माधवाचार्य और पुरंदर दास की रचनाओं को पढ़ने के लिए भी उत्साहित है। आगे लिखते हैं कि, 'इसलिए मैं आप लोगों से पूछना चाहता हूं: मैं कन्नड़ को गहराई से और शुद्ध तरीके से कैसे सीखना शुरू करूं - क्रैश कोर्स या सिर्फ पर्यटक शैली के वाक्यांशों की तरह नहीं, बल्कि वास्तव में भाषा को धीरे-धीरे और सम्मानपूर्वक आत्मसात करते हुए, जैसे कि यह मेरी अपनी है?'

1 जून को पोस्ट किए गए छात्र के संदेश को 80 से ज़्यादा अपवोट मिले हैं और Reddit पर समर्थन की लहर है। कई यूजर्स ने कन्नड़ सीखने के लिए उपयोगी सुझाव साझा किए हैं, जैसे सरल वाक्यांशों से शुरुआत करना, YouTube पर कन्नड़ सामग्री देखना और सहपाठियों के साथ अनौपचारिक बातचीत करना। दूसरों ने सीखने को आसान बनाने के लिए कॉलेज भाषा सहायता कार्यक्रमों का उपयोग करने की सलाह दी। एक यूजर ने सलाह दी, 'समय बीतने के साथ कुछ रोज़मर्रा के शब्द और वाक्यांश सीखिए। जब तक आप कॉलेज से बाहर निकलेंगे, तब तक आपको बिना समर्पित अध्ययन के कुछ ज्ञान हो जाएगा। उसके बाद, अगर आपकी नौकरी आपको यहीं रखती है, तो ठीक से सीखने के बारे में सोचें। कई कंपनियाँ इन-हाउस भी क्लास देती हैं (इसी तरह मैंने बोलना सीखा)। मेरी मातृभाषा हिन्‍दी नहीं है।' एक अन्य ने लिखा, 'स्थानीय लोगों से दोस्ती करो और वे तुम्हें कुछ सिखाएंगे।' तीसरे यूजर ने कहा कि, 'चूंकि आप पढ़ाई करने आ रहे हैं, इसलिए इसके बारे में चिंता न करें। आप अपने सहपाठियों के साथ बातचीत करके कन्नड़ सीखेंगे। एक कर्मचारी होने की तुलना में एक छात्र के रूप में यह आसान होगा। आप दोस्त बनाएंगे और सीखेंगे।' चौथे यूजर ने कहा कि, 'लोगों से बात करके। अगर आपको कुछ समझ में नहीं आता है, तो लोगों से पूछें, और यही सबसे अच्छा तरीका है। लोग आपका स्वागत करने और आपको कन्नड़ सीखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आगे आते हैं।' वहीं, कई यूजर्स ने कन्नड़ यूट्यूब चैनलों के लिंक साझा किए और शुरुआत करने के लिए बुनियादी वाक्यांशों से शुरुआत करने की सलाह दी।

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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