वायरल न्यूज़

OMG: शादी से पहले लड़कों की मर्दानगी का होता है टेस्ट, दिया जाता है 120 वोल्ट का झटका

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Jul 19, 2023, 03:30 PM IST

साउथ अमेरिका की एक जनजातीय है, जिनमें शादी से पहले लड़कों को मर्दांनगी टेस्ट देना पड़ता है। इसके लिए उन्हें 120 वोल्ट का झटका दिया जाता है और अगर उन्होंने इसे सहन कर लिया तो वे असली मर्द माने जाते हैं।

Image

Image Credit - iStock

KEY HIGHLIGHTS
  • लड़कों को मर्दांनगी का देना पड़ता है टेस्ट
  • 120 वोल्ट का झटका करना पड़ता है सहन
  • साउथ अमेरिका की है ये जनजातीय

Ajab Gajab News in Hindi: शादी में पति अपने पत्नी के लिए उपहार लाता है, उसे अच्छा फील करवाता है, ताकि उसकी होने वाली बीवी उससे खुश हो सके। लेकिन कभी ये सुना है शादी के पहले किसी लड़के को अपना मर्दांनगी टेस्ट देना हो। ये बात सुनने में थोड़ी अजीब लगे, लेकिन ये बिल्कुल सच है। जी हां, साउथ अमेरिका में एक जनजातीय रहती है, जिनमें सालों से एक परम्परा चली आ रही है। इस परम्परा को जनजातीय का हर शख्स निभाता है। आइए जानते हैं कि क्या है ये अनोखी परम्परा..

दरअसल, साउथ अमेरिका में रहने वाले इस जनजातीय में जिन पुरुषों की शादी होने वाली होती है, उन्हें अपनी मर्दांनगी का टेस्ट देना पड़ता है। इसके लिए उन्हें 120 वोल्ट का झटका बर्दाश्त करना पड़ता है। इस दौरान लड़के को मेटल के दो रॉड दोनों हाथों में पकड़ा दिए जाते हैं और फिर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई की जाती है। अगर लड़का इस झटके को झेल जाता है तो उसे मर्द माना जाता है। अगर लड़का इस परम्परा में फेल हो जाता है तो उसे नामर्द समझा जाता है और फिर कोई भी जनजातीय की लड़की उससे विवाह नहीं करती।

सबसे पहले कराया जाता है शराब का सेवन

इस खेल में बिजली के झटके के पहले लड़कों को शराब का सेवन भी कराया जाता है। यह परम्परा इस जनजातीय की सबसे बड़ी परंपरा मानी जाती है। ऐसा यहां की लड़कियों द्वारा किया जाता है। अगर कोई भी लड़का उनसे शादी के कहता है या उनके सामने प्रस्ताव रखता है तो वे ऐसा करने को कहती हैं और उसके बाद ही शादी के लिए हां कहती हैं। अब समझे भैया.. यहां की परम्परा में अहसासों से डोर नहीं बंधती, बंधती है तो बिजली के झटकों से।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

और पढ़ें
End of Article