वायरल न्यूज़

Ajab Gajab: 98 ग्राम के तोते के गले में 20 ग्राम का ट्यूमर, इस तरह ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी

Satna Parrot Tumor Operation: इस कठिन ऑपरेशन को सतना के पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों बृहस्पति भारती और बालेंद्र सिंह की टीम ने अंजाम दिया। डॉक्टरों ने 16 सितंबर को बेहद कठिन आपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

Image

प्रतीकात्मक तस्वीर (ट्विटर)

KEY HIGHLIGHTS
  • सतना में तोते का बेहद कठिन ऑपरेशन
  • डॉक्टरों ने निकाला 20 ग्राम का ट्यूमर
  • दो घंटे के जटिल ऑपरेशन में निकाला ट्यूमर

Satna Parrot Tumor Operation: मध्य प्रदेश के सतना से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां डॉक्टरों की टीम ने एक तोते का ट्यूमर का ऑपरेशन कर उसे नई जिंदगी दी है। हैरान करने वाली बात है कि 98 ग्राम के तोते के गले में 20 ग्राम का ट्यूमर था, जिसका डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन करते हुए तोते को नई जिंदगी दी। डॉक्टरों ने 16 सितंबर को बेहद कठिन आपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पशु चिकित्सालय के डाक्टरों ने तोते का जटिल ऑपरेशन कर उसे नया जीवनदान दिया।

दो घंटे के जटिल ऑपरेशन के बाद निकाला गया ट्यूमर

सतना के वितनारी अस्पताल में बेटू नाम के तोते की गर्दन का सफल ऑपरेशन किया गया। 20 ग्राम के ट्यूमर को निकालने के लिए दो घंटे तक सर्जरी चली। इसके बाद डॉक्टरोंं की टीम ने ट्यूमर को जांच के लिए रीवा भेजा है। आपरेशन के बाद बेटू तोता स्वस्थ बताया जा रहा है। इस कठिन ऑपरेशन को सतना के पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों बृहस्पति भारती और बालेंद्र सिंह की टीम ने अंजाम दिया। बता दें कि इलाके में यह अपनी तरह का पहला और मुश्किल आपरेशन है। इस कारण यह ऑपरेशन इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

परिवार ने 20 साल पहले पाला था तोता

बता दें कि सतना के मुख्तयारगंज के रहने वाले चंद्रभान विश्वकर्मा नाम के शख्स ने बीस साल पहले एक तोता पाला था। उनका पूरा परिवार इस तोते से बेपनाह प्यार करता था। प्यार से परिवार के लोग तोते को बेटू नाम से बुलाते थे। हालांकि 6 महीने पहले बेटू की गर्दन के पीछे एक गांठ निकल आई थी। यह गांठ देखते ही देखते ट्यूमर बन गई और गर्दन के पीछे से होते हुए बेटू के दाहिनी आंख के नीचे तक बढ़ गई। इतना बड़ा ट्यूमर होने से बेटू बीमार हो गया। वह न खाना खा पाता था और न ही ठीक से पानी पी पाता था। वह बोल भी नहीं पा रहा था। चंद्रभान तोते को पशु चिकित्सालय ले गए। जहां 2 घंटे के जटिल आपरेशन के बाद ट्यूमर निकाल दिया गया।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

और पढ़ें
End of Article