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OMG: प्लास्टिक बैग में छिपा था खतरनाक राज, सच्चाई सामने आते ही लोगों के पैरों तले खिसक गई जमीन

अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में पुलिस को एक प्लास्टिक के बैग मिला, जिसमें एक जानवर की लाश टुकड़ों में मिली। पुलिस इसे कुत्ते का लाश समझ रही थी। लेकिन बाद में सच्चाई कुछ और ही निकल कर सामने आई।

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टुकड़ों में मिली जानवर की लाश (iStock)

Ajab Gajab News: काफी बार पुलिस को क्षत-विक्षत हालत में लाश मिलती है, जिसकी पहचान कर पाना काफी मुश्किल हो जाता है। इंसानों के लाश के मामले अक्सर ऐसा देखा जाता है लेकिन जब बात जानवर की हो, तब क्या? दरअसल, अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी के पास वर्जीनिया के अर्लिंग्टन में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इस इलाके में पुलिस को एक प्लास्टिक बैग मिला, जिसमें एक जानवर की लाश थी। टुकड़ों में मिली इस लाश को पुलिस कुत्ते की लाश समझ रही थी लेकिन बाद में जब सच्चाई सामने आई तो पुलिस वाले भी हैरान रह गए।

जब इस लाश की जांच की गई तो पता चला कि ये लाश किसी कुत्ते का नहीं बल्कि काले भालू का है। अर्लिंग्टन के एनिमल वेलफेयर लीग ने एक स्थानीय व्यक्ति के जरिए इस असामान्य घटना की पुष्टि की है। मिरर यूएस की रिपोर्ट के मुताबिक, काले भालू का शव मिलने के बाद फोरेंसिक जांच चल रही है। क्योंकि भालू को अवैध रूप से मारना अपराध की श्रेणी में आता है।

टुकड़ों में मिली जानवर की लाश

बता दें, काले भालू को मारने के दो अपवादिक नियम हैं। अगर भालू मानव सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता हो या फिर दूसरा तब जब भालू ने किसी व्यक्ति को घायल कर दिया हो या घायल करने की कोशिश की हो। ऐसे में भालू मारने के बाद आपको राज्य संरक्षण पुलिस अधिकारी को इसकी रिपोर्ट करनी होगी। बिना इसकी सूचना दिए भालू को नुकसान एक क्राइम है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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