Ajab Gajab : गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने के लिए दुनिया भर में लोग तरह-तरह की कोशिश करते हैं। कभी कोई शरीर पर आग लगाकर भागने लगता है तो कभी कोई अपने कुत्ते को सजाकर विश्व रिकॉर्ड बनाता है। ऐसा ही काम करना नाइजीरिया के एक शख्स को महंगा पड़ गया। दरअसल, इस नाइजीरियन शख्स पर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की सनक इस कदर सवार थी कि उसने ऐसा काम किया कि अब सोशल मीडिया पर चर्चा काफी तेज हो गई है। आपको बता दें कि इस व्यक्ति ने खुद को तकरीबन सात दिन तक इसलिए रोने को मजबूर किया ताकि उसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो जाए, लेकिन उसे सबसे ज्यादा अफसोस उस वक्त हुआ जब उसका नाम रिकॉर्ड में शामिल नहीं हो सका और उसके आंखों की रोशनी भी लगभग चली गई। जबकि सात दिन पहले तक उसकी आंखें बिल्कुल ठीक थीं।
सात दिन रोता रहा शख्स
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नाइजीरियन शख्स का नाम है टेम्बू एबेरे। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने के लिए ये तकरीबन सात दिनों तक रोता रहा। अपने इस प्रयास के दौरान उसने अपनी आंखों की रोशनी खो दी। सात दिन तक रोने का परिणाम ये हुआ कि, शख्स की आंखों में बेहद दर्द रहने लगा, सिरदर्द होने लगा और फिर चेहरे व आंखों पर भी काफी ज्यादा सूजन आ गई। एबेरे खुद ही बताते हैं कि, इस काम को करने के लिए उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वे रोने की कोशिश को आगे भी जारी रखने वाले थे, लेकिन फिर असहनीय दर्द के कारण उन्होंने इस प्लान ड्रॉप कर दिया।
नाइजीरियन लोगों में होड़
टेम्बू एबेरे का कहना है कि उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए आवेदन ही नहीं किया था, इसलिए उनके प्रयास को उसमें शामिल नहीं किया जाएगा। बता दें कि, सिर्फ एबेरे ही नहीं बल्कि बहुत से ऐसे नाइजीरियाई लोग हैं जो गिनीज रिकॉर्ड बनाने के लिए अजीबोगरीब काम किया करते हैं। हाल ही में हिल्डा बासी नामक शेफ ने मई में नाइजीरियन डिशेज को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए 100 घंटे तक लगातार खाना पकाने की कोशिश की थी। इस पर कई मशहूर हस्तियों समेत वहां के उपराष्ट्रपति ने उनकी तारीफ की थी।
किताब पढ़कर रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
एक स्कूल शिक्षक जॉन ओबोट ने बीबीसी को बताया है कि, सितंबर में वे क्लासिक साहित्य को 140 घंटे तक पढ़कर रिकॉर्ड बनाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने इसके पीछे नाइजीरियन संस्कृति को बढ़ावा देने का हवाला दिया है।
