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Ajab Gajab: पीसा की मीनार से भी ज्यादा झुका है वाराणसी का यह मंदिर, रहस्य जानकर वैज्ञानिक भी रह जाते हैं हैरान

Ajab Gajab News: अपनी स्थापत्य कला शैली के कारण भी यह मंद‍िर दुनियाभर में फेमस है। नदी की तलहटी पर बना यह मंदिर मणिकर्णिका घाट के ठीक बगल में बना हुआ है।

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रत्नेश्वर महादेव मंदिर (ट्विटर)

KEY HIGHLIGHTS
  • दुनिया का सबसे अनोखा मंदिर
  • 9 डिग्री तक झुका है यह मंदिर
  • यूपी के वाराणसी में है मौजूद

Ajab Gajab News: इटली स्थित पीसा की झुकी मीनार 5 डिग्री झुके होने के कारण दुनियाभर में फेमस है। दूसरी तरफ भारत में एक ऐसा मंदिर है, जो 9 डिग्री झुका है। इसके बाद भी हजारों सालों से वैसे का वैसे खड़ा है। यह मंदिर कहीं और नहीं बल्कि भारत की धर्म नगरी वाराणसी में मौजूद है। हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं, उसका नाम रत्नेश्वर महादेव मंदिर है। रत्नेश्वर महादेव मंदिर महाश्मशान के पास करीब 400 साल से 9 डिग्री झुकाव पर खड़ा है और दुनियाभर के लोगों के लिए आश्चर्य का केंद्र बना हुआ है।

वाराणसी में है दुनिया का सबसे अनोखा मंदिर

माना जाता है कि साल भर में 10 महीने यह मंदिर नदी में डूबा रहता है। अपनी स्थापत्य कला शैली के कारण भी यह मंद‍िर दुनियाभर में फेमस है। नदी की तलहटी पर बना यह मंदिर मणिकर्णिका घाट के ठीक बगल में बना हुआ है। बताया जाता है कि भगवान शिव को समर्पित मंदिर इस को रानी अहिल्याबाई की दासी रत्नाबाई ने बनवाया था। मान्यता के अनुसार, रानी अहिल्याबाई की दासी ने भगवान भोलेनाथ का एक मंदिर बनाने की इच्छा जताई थी। इसके बाद रानी अहिल्याबाई ने उन्हें गंगा किनारे यह जमीन दी थी।

रानी के श्राप से झुक गया मंदिर

जब रत्नाबाई ने मंदिर बनवाना शुरू किया तो इसके निर्माण में पैसों की कमी आ गई। इसके बाद रत्नाबाई ने रानी अहिल्याबाई से उधार रुपये लेकर मंदिर का निर्माण कार्य पूरा करवाया। हालांकि, जब मंदिर बन गया तो रानी अहिल्याबाई ने इसे देखने की इच्छा जताई। उन्होंने इस मंदिर की खूबसूरती देख दासी रत्नाबाई से इसे अपने नाम से न जोड़ने की बात कही। इसके बावजूद रत्नाबाई ने इसे अपने नाम से जोड़कर रत्नेश्वर महादेव नाम दे दिया। इस बात से गुस्सा होकर रानी अहिल्याबाई ने श्राप दे दिया। इसी कारण मंदिर दाहिनी ओर झुक गया।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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