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ऑफिस में घंटों Artificial Lighting के नीचे बैठना कैसे बन सकता है सिरदर्द की वजह, डॉक्टर से समझिए कनेक्शन

How Artificial Lighting Trigger Headache: क्या आप जानते हैं अगर ऑफिस में काम करते-करते रोज सिरदर्द होने लगता है, तो इसकी वजह सिर्फ तनाव नहीं, बल्कि ऑफिस में लगी रंग-बिरंगी या आर्टिफिशियल लाइटिंग भी हो सकती है।

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जानिए क्यों ऑफिस की लाइट बन सकती है सिरदर्द की वजह

How Artificial Lighting Trigger Headache: ऑफिस में पूरे दिन काम करने के बाद अगर आपका सिर भारी हो जाता है या शाम होते-होते सिरदर्द शुरू हो जाता है, तो हर बार इसकी वजह काम का तनाव नहीं होती। कई बार जिस रोशनी में आप घंटों बैठकर काम करते हैं, वही परेशानी की वजह बन सकती है। आजकल ज्यादातर दफ्तरों में तेज LED या फ्लोरोसेंट लाइट (Fluorescent Lights) का इस्तेमाल होता है। इसके साथ लगातार कंप्यूटर स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने से आंखों पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि कुछ लोगों को सिरदर्द, आंखों में जलन या माइग्रेन की समस्या होने लगती है। अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मोहित शर्मा बताते हैं कि अगर समय रहते इस कारण को समझ लिया जाए, तो कुछ छोटी-छोटी आदतें बदलकर इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है।

ऑफिस की लाइट भी हो सकती है सिरदर्द की वजह

हममें से ज्यादातर लोग सिरदर्द होने पर सबसे पहले तनाव या ज्यादा काम को जिम्मेदार मान लेते हैं। लेकिन डॉ. मोहित शर्मा कहते हैं कि ऑफिस की आर्टिफिशियल लाइटिंग (Artificial Lighting) भी कई लोगों के लिए सिरदर्द की वजह बन सकती है। अगर लाइट बहुत तेज हो, उसकी चमक आंखों पर पड़ रही हो या कमरे की रोशनी और कंप्यूटर स्क्रीन की रोशनी में ज्यादा फर्क हो, तो आंखों को बार-बार खुद को ढालना पड़ता है। इससे धीरे-धीरे आंखें थकने लगती हैं और सिरदर्द शुरू हो सकता है।

किन लोगों को ज्यादा हो सकती है परेशानी

हर व्यक्ति पर आर्टिफिशियल लाइटिंग का असर एक जैसा नहीं होता। कुछ लोग रोशनी के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। खासकर जिन्हें पहले से माइग्रेन की समस्या रहती है, उनमें तेज रोशनी सिरदर्द को और बढ़ा सकती है। डॉ. मोहित शर्मा बताते हैं कि कुछ लाइटों में बहुत हल्का झिलमिलापन भी होता है, जिसे हर कोई महसूस नहीं कर पाता। लेकिन संवेदनशील लोगों की आंखें उस बदलाव को पकड़ लेती हैं, जिससे सिर भारी लगना, माथे में दर्द और आंखों में थकान जैसी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं।

लगातार स्क्रीन देखने से बढ़ जाती है समस्या

अगर ऑफिस में पूरे दिन कंप्यूटर पर काम करना पड़ता है, तो परेशानी और बढ़ सकती है। ऊपर से तेज रोशनी और सामने चमकती स्क्रीन, दोनों मिलकर आंखों पर ज्यादा दबाव डालते हैं। कई बार स्क्रीन पर पड़ने वाली चमक भी आंखों को परेशान करती है। ऐसे में शाम तक आंखों में जलन, भारीपन और सिरदर्द महसूस होना आम बात है। इसलिए सिर्फ स्क्रीन ही नहीं, बल्कि उसके आसपास का माहौल भी आरामदायक होना जरूरी है।

रिसर्च भी इस बात का करती है समर्थन

इस विषय पर हुई वैज्ञानिक रिसर्च भी यही बताती है कि कुछ लोगों में तेज रोशनी माइग्रेन को बढ़ा सकती है। ब्रेन जर्नल (Brain Journal) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, माइग्रेन के दौरान आंखों और दिमाग के बीच काम करने वाली कुछ नसें रोशनी के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं। यही वजह है कि सामान्य रोशनी भी ऐसे लोगों को चुभने जैसी महसूस हो सकती है। वहीं ऑफिस से जुड़ी कई स्टडी में भी तेज चमक, गलत रोशनी और स्क्रीन की वजह से आंखों की परेशानी और सिरदर्द का संबंध देखा गया है।

सिरदर्द से बचने के लिए क्या करें

डॉ. मोहित शर्मा सलाह देते हैं कि कंप्यूटर स्क्रीन की ब्राइटनेस कमरे की रोशनी के अनुसार रखें और स्क्रीन पर पड़ने वाली चमक को कम करने की कोशिश करें। जहां संभव हो, प्राकृतिक रोशनी में काम करें और लगातार स्क्रीन देखने के बजाय बीच-बीच में कुछ मिनट के लिए आंखों को आराम दें। अगर ऑफिस में काम करते समय बार-बार सिरदर्द होने लगे या दर्द के साथ उल्टी, धुंधला दिखाई देना या शरीर में कमजोरी जैसी दिक्कत भी हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, ताकि सही कारण का पता चल सके और समय पर इलाज शुरू किया जा सके।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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