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ऑफिस है या कैदखाना! इस कंपनी के कर्मचारी न इस्तेमाल कर सकते हैं फोन और न ले सकते हैं टॉयलेट ब्रेक, खाने पर भी गजब की सख्ती

चीन की डेंटल उत्पाद कंपनी पर कर्मचारियों की निगरानी और ऑफिस पॉलिसी उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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कंपनी ने कर्मचारियों के लिए रखी अनोखी शर्त

KEY HIGHLIGHTS
  • डेंटल उत्पाद कंपनी पर लगा आरोप
  • ऑफिस पॉलिसी का कर रहा था उल्लंघन
  • सोशल मीडिया पर चर्चाएं हुई तेज

Chinese Dental Company: चीन के अनहुई प्रांत के हेफ़ेई में स्थित एक डेंटल केयर कंपनी में कर्मचारियों के लिए जो स्थिति बन रही है, उसे लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चाएं हो रही हैं। यह चर्चा इस कदर बढ़ गई है कि कंपनी की कार्यस्थल नीतियों को लेकर गंभीर आलोचना की जा रही है और कई लोग इसके लिए कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी में कार्यस्थल की स्थिति जेल जैसी है, जहां कर्मचारियों की स्वतंत्रता बहुत सीमित है।

कर्मचारियों को अपनी जगह से बाहर जाकर खाना मंगवाने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा, उन्हें टॉयलेट ब्रेक के लिए भी सीमित समय दिया जाता है, जिससे उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया जाता है। ऑफिस के भीतर मोबाइल फोन का उपयोग करना सख्ती से मना है, जिसके चलते उन्हें आपात स्थिति में भी फोन करने से रोका जाता है। इस तरह की सख्त नीतियां कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं।

कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर इस मुद्दे ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। लोगों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है, और अब कई संगठनों ने इस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कार्यस्थल की इस परिस्थिति को "जेल-शैली" का नाम दिया गया है, जो कि कंपनियों में काम करने के मौलिक मानकों के खिलाफ है।

कर्मचारियों की स्थिति को देखते हुए, इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जिम्मेदार लोगों पर कानूनी सजा की जरूरत अब अवश्य महसूस की जा रही है। यह स्थिति न केवल कर्मचारियों के लिए, बल्कि समाज में कार्यस्थल के अधिकारों की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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