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Ajab Gajab: इस बकरे का नाम सुन याद आ जाएगा कोरोना का खौफनाक काल, फिर भी लाखों में लेने के लिए तैयार बैठे लोग

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Jun 29, 2023, 05:45 PM IST

सोशल मीडिया बकरे की एक तस्वीर काफी वायरल हो रही है, जिसका नाम लॉकडाउन है। इस बकरे की कीमत एक लाख रुपये बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि यब बकरा अपने मालिक के साथ ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक्स पीता है।

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भागलपुर का लॉकडाउन बकरा (फोटो साभार - सोशल मीडिया)

KEY HIGHLIGHTS
  • इस अनोखे बकरे का नाम है लॉकडाउन
  • मालिक के साथ पीता है ठंडा पानी
  • खरीदने के लिए जतन कर रहे लोग

Ajab Gajab News: बकरीद का दिन है, ऐसे में तमाम लोग इस पर्व को मनाने में जुटे हुए हैं। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे बकरे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में सुनकर आप भी हंस पड़ेंगे। लेकिन हां, इसके कारनामों के बारे में सुनकर आप शॉक्ड हो जाएंगे। ये बकरा बिहार के भागलपुर के एक मुसलमान का है, जिनका नाम शाहिद उर्फ भोला है।

बता दें, यह बकरा तोतापुरी नस्ल का है। इस बकरे का नाम लॉकडाउन है। सुनकर लगा न झटका, लेकिन ये सच है। भागलपुर का यह लॉकडाउन ठंडा पीना पसंद करता है और ये बकरा अपने इसी शौक के लिए जाना जाता है। यह अपने मालिक के साथ बैठकर ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक पीता है। ऐसे में बकरीद के इस माहौल में ये बकरा काफी सुर्खियां बटोर रहा है।

साल 2020 में हुआ था जन्म

आपको एक और खास बात बताते हैं। इस बकरे के लिए एक लाख रुपये तक के लिए बोली लगाई जा चुकी है। लेकिन इसके मालिक का कहना है कि इसे वे नहीं बेचेंगे और अपने घर पर ही इसकी कुर्बानी करना चाहते हैं। इस बकरे के पीछे हर रोज 100 रुपये खर्च किए जाते हैं। वर्तमान में यह बकरा 80 किलो का हो गया है। बता दें, इस जन्म साल 2020 लॉकडाउन में हुआ था। इसीलिए मालिक ने भी अपने बकरे का नाम लॉकडाउन ही रख दिया था।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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