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ओ तेरी! खर्राटा लेकर 78 हजार रुपया महीना कमा रहे यहां के लोग, कारण जान चौंक जाएंगे आप

जहां एक ओर खर्राटे को छोटी-मोटी परेशानी समझकर छोड़ देते हैं। ऐसे में अगर आपको खर्राटे लेने का पैसा मिले, तो आपका क्या रिएक्शन होगा। आपको जानकर हैरानी होगी कि खर्राटा लेने जैसी गंभीर बीमारी से भी आप पैसा कमा सकते हैं।

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प्रतीकारात्मक चित्र (iStock)

Earn Money By Snoring: दुनिया में कई ऐसी बीमारी हैं, जिसे लोग आमतौर नजरअंदाज कर जाते हैं। ऐसा ही कुछ खर्राटे के साथ भी है। देखा जाए तो खर्राटा लेना एक गंभीर बीमारी है लेकिन लोग इस पर ध्यान नहीं देते। इस बीमारी के चलते पास में सोने वाले लोगों को कितनी परेशानी होती है, इसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। कई बार खर्राटा लेने वालों के बगल में सोए हुए लोगों को पूरी रात जगना पड़ जाता है।

सबसे अधिक परेशानी तो पार्टनर्स को होती है। अगर पति या पत्नी में से कोई एक खर्राटा लेता है तो दूसरा सही से सो भी नहीं पाता, जिससे उसकी नींद भी खराब हो जाती है। आमतौर पर अधिक वजन, नाक की समस्या, नींद की अवस्था के कारण ऐसा होता है। अब जरा सोचिए आपके इस खर्राटा लेने की आदत आपके कमाई का जरिया बन जाए तो.. सुनकर थोड़ा अजीब लग रहा होगा, लेकिन बात 100 टका सच है। दरअसल, ब्रिटेन सरकार की ओर से खर्राटा लेने वालों को 78000 रुपये महीना मिल रहा है।

पर्सनल इंडिपेंडेंस पेमेंट के तहत मिल रहा पैसा

डिपार्टमेंट ऑफ वर्क एंड पेंशन्स (DWP) के पर्सनल इंडिपेंडेंस पेमेंट (PIP) के तहत खर्राटा लेने की बीमारी के लिए 737 पाउंड (यानि 78 हजार रुपये) मिल रहे हैं। खर्राटे की गंभीर समस्या से पीड़ित लोगों को ब्रिटेन सरकारी की ओर से ये आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस पेंशन का उद्देश्य उन लोगों की मदद करना है जो स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण दैनिक जीवन में अतिरिक्त खर्चों का सामना कर रहे हैं।

Earn Money By Snoring

पति के खर्राटे से परेशान होती महिला (प्रतीकारात्मक चित्र)

पीआईपी लाभ के लिए पात्रता

आयु 16 वर्ष से अधिक होनी चाहिए

खर्राटे की गंभीर होनी चाहिए

खर्राटे की वजह से दैनिक गतिविधियां प्रभावित होनी चाहिए

योजना का लाभ के लिए आवेदन के साथ चिकित्सा प्रमाण होना अनिवार्य है

पीआईपी से होने वाले फायदे

पीआईपी के तहत मिलने वाली राशि टैक्स फ्री होगी

वर्किंग और नॉन वर्किंग दोनों तरह के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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