Rent Dispute Case: बेंगलुरु से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने सबके होश उड़ा दिए। दरअसल एक किराएदार को घर में रहने के सिर्फ 15 दिन बाद ही मकान खाली करने को कहा गया। किराएदार ने बताया कि नए घर में शिफ्ट होने के लिए उसने काफी पैसे खर्च किए थे। उसने 50,000 रुपये सिक्योरिटी के तौर पर दिए, 20,000 रुपये ब्रोकर को फीस दी और करीब 10,000 रुपये सामाना लाने यै उसे शिफ्ट करने में खर्च हुए। इस तरह कुल 80,000 रुपये खर्च करने के बाद वह यहां पर रहने आया था।
कपड़े सुखाने की सबसे बड़ी परेशानी
लेकिन घर में आने के बाद उसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ी परेशानी कपड़े सुखाने की थी। घर में न तो बालकनी थी, न ही धूप आती थी और न ही कपड़े सुखाने के लिए ठीक से हुक या ग्रिल लगी हुई थी। ऐसे में उसने मकान मालिक से छत पर कपड़े सुखाने की अनुमति मांगी, लेकिन उसे साफ मना कर दिया गया। इसके बाद मजबूरी में किराएदार ने अपने पड़ोसी से बात की और उनकी अनुमति लेकर उनके घर में कपड़े सुखाने लगा। उसने बताया कि उसके घर में एक छोटा बच्चा है, जिसके कपड़ों को साफ और सुरक्षित रखने के लिए धूप में सुखाना जरूरी है।

किराएदार को मिला घर खाली करने का नोटिस
लेकिन जब मकान मालिक को इस बात का पता चला, तो वह नाराज हो गया और किराएदार को घर खाली करने का नोटिस दे दिया। किराएदार का कहना है कि उसने कई बार अपनी समस्या बताई, लेकिन मकान मालिक ने कोई समाधान नहीं निकाला। अब परिवार मुश्किल में है, क्योंकि इतना पैसा खर्च होने के बाद तुरंत नया घर ढूंढना आसान नहीं है। इस मामले पर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है। कुछ लोग किराएदार को कानूनी मदद लेने की सलाह दे रहे हैं।
