वायरल न्यूज़

Ajab Gajab: सेना के जवान ने पक्षी-प्रेम में कर दी सारी हदें पार, खुद के घर को ही बना दिया चिड़ियाघर

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Nov 16, 2023, 06:12 PM IST

सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही है, जिसमें एयरफोर्स के ऑफिसर प्रकाश सरकार का आपको घर नजर आएगा, जिन्होंने अपने घर को ही चिड़ियाघर में बदल दिया है।

Image

प्रकाश सरकार ने घर को ही बनाया चिड़ियाघर (Image Credit - Social Media)

KEY HIGHLIGHTS
  • एयरफोर्स में कार्यरत हैं प्रकाश सरकार
  • घर को ही बना दिया चिड़ियाघर
  • 30 रुपए प्रति व्यक्ति है प्रवेश शुल्क

Prakash Sarkar Farm House: दुनिया में कई ऐसे लोग आपको मिल जाएंगे, जो एनिमल लवर होते हैं। उनके प्यार की हद इस कदर होती है कि वे पक्षियों के लिए कुछ भी कर सकते हैं। ऐसे में सेना के एक जवान ने पक्षी-प्रेम के चलते अपने घर को ही चिड़ियाघर बना दिया है। इस जवान का नाम प्रकाश सरकार है, जो एयरफोर्स में ऑफिसर पद पर तैनात हैं।

बता दें, महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डे के नजदीक नारायणपुर गांव में प्रकाश का निजी फॉर्म हाउस है, जहां पर उन्होंने आम पक्षियों जैसे मुर्गियां और कबूतर की विदेशी किस्में रखी हुई है। वे बचपन से ही बर्डमैन बनना चाहते थे और उनकी इच्छा थी कि उनका घर जंगल या उसके आसपास हो, ताकि वे पक्षियों के बीच रहे। ऐसे में नौकरी के दौरान उनकी पोस्टिंग जब मैसूर में हुई तो वहां उन्होंने एक एवियरी (पक्षीशाला) देखी तो उनके मन में भी एवियरी खोलने का विचार आया।

Prakash Sarkar Farm House

30 रुपए प्रति व्यक्ति है प्रवेश शुल्क (Image Credit - Social Media)

30 रुपए प्रति व्यक्ति है प्रवेश शुल्क

ऐसे में लॉकडाउन के दौरान प्रकाश ने अपने घर के आसपास की सफाई की और पक्षियों के एक बाड़ा बनाया और फिर पशु-पक्षियों के लिए एक फॉर्म हाउस तैयार किया और फिर साल 2021 में उन्होंने पर्यटकों के लिए इसे खोल दिया। ऐसे में उनके इस फॉर्म हाउस का नाम सरकार फॉर्म हाउस है, जिसके लिए उन्होंने प्रवेश शुल्क 30 रुपए प्रति व्यक्ति रखा है।

रखरखाव के लिए हर महीने 30 हजार का आता है खर्चा

प्रकाश का कहना है कि फॉर्म हाउस के रखरखाव के लिए हर महीने 25000-30000 रुपए की जरूरत पड़ती है लेकिन सैलानियों से उन्हें करीब 10000 रुपए ही आते हैं। ऐसे में बाकी का खर्चा प्रकाश और उनके घरवाले मिलकर उठाते हैं। यह फार्महाउस बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय सीमा से कुछ सौ मीटर की दूरी पर ही स्थित है। यहां आपको चिकन की 12 से अधिक विदेशी किस्में, कबूतर की 10 किस्मों के अलावा टर्की, गिनी सूअर, स्लाइडर कछुए और लाल कार्प के साथ जापानी कोई मछली भी देखने को मिल जाएगी। इसके अलावा भी पक्षियों की कई प्रजातियां यहां मौजूद हैं।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

और पढ़ें
End of Article