सोशल मीडिया पर आप हर दिन सैकड़ों वीडियो देखते होंगे। इंटरनेट पर वायरल ज्यादातर वीडियो हंसी-मजाक, डांस और जुगाड़ के ही होते हैं। उसी में कुछ ऐसे वीडियो भी होते हैं। जिसे देखने के बाद आप एक बार तो हैरान रह जाएंगे। इस समय भी एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आप देखेंगे कि रेगिस्तान की सुनहरी रेत पर नीले आसमान तले, जहां पर दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आता है।
25-30 किलोमीटर चलते हैं पैदल
वहां जमीन पर चादर बिछाए हुए एक चौधरी साहब बैठे हैं। जिनकी उम्र करीब पचास साल है, लेकिन शरीर ऐसा कि कुश्ती में किसी पहलवान को भी मात दे दे। बगल में बैठा एक युवक इस बुजुर्ग से राजस्थानी भाषा में बातचीत कर रहा है। उनका दिनचर्या और खानपान के बारे में पूछ रहा है।
यह बुजुर्ग एक तांबे के कटोरे से घी में डूबी बाजरे की रोटी निकालते हैं। इस युवक को ताऊ दो किलो रोटी और आधा किलो घी, अपनी रोज की डाइट बताते हैं। इस बुजुर्ग के आसपास बिखरे बर्तन, लोटा, थाली उनकी जीवन की सादगी को बताते हैं। रोज 25-30 किलोमीटर पैदल चलना, रेत के टीले लांघना, ये उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा है। बिना जिम गए, कोई सप्लीमेंट लिए फिर भी शरीर हमेशा निरोग ही रहता है।
चौधरी साहब का जीवन हमें सिखाता है कि सादा भोजन, कठोर परिश्रम, और मन की शांति ही जीवन जीने का सही आधार है। चौधरी साहब कौर चबाते हुए कहते हैं, "बाकी सब माया है!" इस वीडियो को सोशल मीडिया के एक्स पर @Kapil_Jyani_ नामक अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो को पोस्ट करने के बाद इसके कैप्शन में लिखा है कि 'ये है उजड़ रेगिस्तान में रहने वाले चौधरी साहब। उम्र होगी लगभग 50 साल।
खुराक है। दो किलो का रोट, आधा किलो घी। रोजाना 25-30 किलोमीटर पैदल चलते हैं। स्वस्थ निरोगी काया, बाकी सब मोह माया।'
इस वीडियो को अब तक 2 लाख 15 हजार से ज्यादा बार देखा गया है। इंटरनेट यूजर्स ने भी कई तरह के कमेंट्स किए हैं। पहले ने लिखा: "इस उम्र में भी खुद ही रोटा सेकने पड़ रहे हैं क्या चौधरी साहब को", दूसरे ने लिखा: "दुनिया मे कई लोग हैं जो जीने के लिए नहीं खाते, खाने के लिए जीते हैं ", तीसरे ने लिखा: "घी वाली बात तो ठीक है लेकिन 2 किलो आटा! कुछ ज्यादा नहीं हो गया?" चौथे यूजर ने लिखा: "बड़े लोग ऐसे ही खाते हैं गांवों में इनकी उम्र के बड़े दादा दादी सब ऐसे ही खाते है तभी तो उम्र इतनी होने पर भी स्वस्थ रहते हैं"।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
