जहां होती थी इबादत, वहीं छुपा था 400 साल पुराना राज, जब खुली असली सच्चाई तो उड़ गए सबके होश
- Authored by: Monu Jha
- Updated Jan 14, 2026, 03:18 PM IST
फ्रांस के डिजॉन शहर के सेंट फिलिबर्ट चर्च की मरम्मत के दौरान एक खोई हुई सीढ़ी मिली, जिसने चर्च के नीचे मौजूद 400 साल पुरानी कब्रगाह का खुलासा किया। खुदाई में बच्चों और बड़ों के ताबूत, पुराने सिक्के, कफन और 6वीं शताब्दी के प्राचीन सरकोफेगी भी मिले। यह जगह साबित करती है कि सदियों पहले एक महत्वपूर्ण अंतिम संस्कार और धार्मिक केंद्र रही थी।
जहां होती थी इबादत, वहीं छुपा था 400 साल पुराना राज (फोटो: एआई)
फ्रांस के डिजॉन शहर में स्थित सेंट फिलिबर्ट चर्च में बहाली के दौरान जो मिला उसने इतिहासकारों और पुरातत्वविदों को हैरान कर दिया। यह चर्च 12वीं शताब्दी में बनाया गया था लेकिन इसके नीचे छिपा इतिहास इससे भी कहीं ज्यादा पुराना निकला। बहाली इसलिए की जा रही थी क्योंकि 1970 के दशक में चर्च के अंदर गर्म कंक्रीट स्लैब बिछाए गए थे। उस समय यह फैसला सही माना गया लेकिन बाद में पता चला कि इससे चर्च की नींव को नुकसान होने लगा। पुराने समय में यहां नमक का भंडारण किया जाता था और जब जमीन गर्म हुई तो नमक नींव के पत्थरों में घुस गया, जिससे दरारें पड़ने लगीं। इसलिए विशेषज्ञों को चर्च की नींव की खुदाई करनी पड़ी।
400 साल पुरानी मिला एक कब्रगाह
जैसे-जैसे खुदाई आगे बढ़ी, यह सिर्फ मरम्मत का काम नहीं रहा, बल्कि एक रोमांचक पुरातात्विक खोज बन गया। टीम को एक भूली हुई सीढ़ी मिली, जिसने नीचे छिपे एक वॉल्ट (गुप्त कक्ष) तक पहुंचा दिया। यहां 400 साल पुरानी एक कब्रगाह मिली, जिसमें बच्चों और बड़ों के ताबूत रखे थे। एक अंग्रेजी वेबसाइट popular mechanics के मुताबिक कई ताबूतों में मूल कफन, सिक्के और मालाएं भी मिलीं। इससे पता चलता है कि यहां दफनाने की खास परंपराएं थीं। इसके बाद विशेषज्ञों को 11वीं से 13वीं शताब्दी तक की पत्थर की कब्रें भी मिलीं। सबसे बड़ी खोज तब हुई जब उन्हें 6वीं शताब्दी यानी लगभग 1400 से 1500 साल पुराने सरकोफेगी (पत्थर के ताबूत) मिले।
10वीं शताब्दी की भी मिलीं दीवारें
इनमें से एक ताबूत का ढक्कन खूबसूरती से नक्काशीदार था। जो बताता है कि यहां दफनाए गए लोग उस समय समाज में महत्वपूर्ण रहे होंगे। इतना ही नहीं, खुदाई में यह भी साफ हुआ कि यह चर्च वास्तव में पुराने चर्चों की नींव पर बना है। यहां पहले भी कई धार्मिक इमारतें रही थीं। टीम को 10वीं शताब्दी की दीवारें भी मिलीं जो खास हेरिंगबोन शैली में बनाई गई थीं। इससे साबित होता है कि यह स्थान लंबे समय तक धार्मिक और अंतिम संस्कार केंद्र के रूप में इस्तेमाल होता रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि रोमन काल से लेकर मध्य युग तक यह जगह अंतिम संस्कार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही होगी। अब भी संभावना है कि चर्च के नीचे और भी रहस्य छिपे हों जो भविष्य में सामने आ सकते हैं। यह खोज न केवल इतिहास को समझने में मदद करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि कभी-कभी एक साधारण बहाली परियोजना भी हमें सैकड़ों साल पुरानी कहानी से जोड़ सकती है।
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