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ज्वेलरी पहनाकर दफनाई गई थीं लड़कियां, जब 1800 साल बाद निकली बॉडी तो नजारा देख सन्न रह गए लोग

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Apr 11, 2023, 01:58 PM IST

कंकाल के साथ काफी ज्वेलरी पाई गई थी, इसके पीछे का कारण भी काफी चौंकाने वाला है। कहा जा रहा है कि उस लड़कियों को ज्वेलरी इसीलिए पहनाई जाती थी, ताकि उनकी रक्षा हो सकें।

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लड़कियों के कंकाल के साथ मिली ज्वेलरी (फोटो साभारः फेसबुक 'Israel Antiquities Authority')Israel Antiquities Authority 44K followers • 4 fIsrael Antiquities Authority 44K followers • 4 f

KEY HIGHLIGHTS
  • कंकाल के साथ मिली ज्वेलरी
  • 1800 साल पुराना है कंकाल
  • इजरायल की है यह घटना

Girl Skeleton Adorned With Jewelry: अगर देखा जाए तो पुरातत्व विभाग हमेशा से ही पुराने चीजों के पीछे पड़े रहते हैं और उन्हें खोज निकालने के लिए हर कोशिश करते हैं। ऐसे में काफी बार उन्हें निराशा हाथ लगती है लेकिन कई बार उन्हें सफलता भी मिलती है। एक ऐसी ही जानकारी आज हम आपके लिए लेकर आए हैं, जिसे सुनने के बाद आप एकदम से चौंक जाएंगे।

दरअसल, इजराइल में पिछले काफी समय से पुरानी चीजों को खोजने के लिए कड़ी मशक्कत की जा रही है, ऐसे में पुरातत्व विभाग को एक बड़ी खोज हाथ लगी है। हालांकि, सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन मामला दिलचस्प है। विभाग की ओर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने 1800 साल पुराने ज्वेलरी की खोज कर ली है। ये सभी ज्वेलरी जहां से मिली है, वो इस खबर का सबसे रोचक पार्ट है।

Girl Skeleton Adorned With Jewelry

खुदाई में मिली ज्वेलरी (फोटो साभारः फेसबुक 'Israel Antiquities Authority')

ज्वेलरी पहनाने से लड़कियों की रक्षा होती थी

ये सभी गहनें लड़कियों के कंकाल में लिपटी हुई मिली हैं। ऐसे में बताया जा रहा है कि उस लड़कियों को गहने से सजाकर दफनाया गया था। बता दें, खुदाई में मिली इन चीजों पर रोमन लोगों के चंद्र भगवान लूना का निशान बना हुआ है। प्राचीन समय में वहां की लड़कियां ऐसे गहनें पहना करती थी, फिर मौत के बाद उन्हें गहनों के साथ ही दफन कर दिया जाता था। मान्यता थी कि ज्वेलरी पहनाने से लड़कियों की रक्षा हो सकेगी।

एग्जीबिशन में प्रदर्शित किया जाएगा

खुदाई में मिले कंकाल और ज्वेलरी दोनों का समयकाल 1800 साल पुराना है। इसमें सोने के ईयरिंग्स, हेयरपिन, गोल्ड पैंडेंट, गोल्ड बीड्स, ग्लास बीड शामिल हैं। खुदाई में मिली इन ज्वेलरी को एक एग्जीबिशन में प्रदर्शित किया जाएगा। बता दें, यह पहला मौका नहीं जब ऐसा हुआ हो, पहले भी काफी चौंकाने वाली चीजें मिल चुकी हैं।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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