Yogi Adityanath News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेशवासियों से सतर्क रहने और किसी भी व्यक्ति को नौकरी पर रखने से पहले उसकी पहचान का अनिवार्य रूप से वेरिफिकेशन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ा और निर्णायक अभियान चला रही है, ताकि सुरक्षा और सामाजिक संतुलन को मजबूत रखा जा सके। यह अपील उस समय आई है जब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में घुसपैठियों के खिलाफ विशेष कार्रवाई जारी है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का हवाला
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि “घुसपैठियों के लिए लाल कालीन नहीं बिछाया जा सकता।” योगी ने कहा कि यह स्पष्ट करता है कि किसी भी कीमत पर घुसपैठ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संसाधन नागरिकों के हैं, अवैध प्रवासियों के नहीं, और उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता सुरक्षा, सामाजिक संतुलन तथा मजबूत कानून-व्यवस्था है। गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट ने 2 दिसंबर को देश में रह रहे रोहिंग्याओं की कानूनी स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि जब देश के नागरिक गरीबी से संघर्ष कर रहे हैं तो “घुसपैठियों को रेड कार्पेट वेलकम” कैसे दिया जा सकता है। यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश सुर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने एक हिबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई के दौरान की।
आइडेंटिटी वेरिफिकेशन अभियान तेज
योगी आदित्यनाथ ने लोगों से सतर्क रहने और किसी व्यक्ति को नियुक्त करने से पहले उसकी पहचान की पूरी जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा, “राज्य की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, क्योंकि सुरक्षा ही समृद्धि की नींव है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए सभी नगर निकायों को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर सूची तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
डिटेंशन सेंटरों की तैयारी
योगी ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ उन कमजोर वर्गों के लिए हैं, जिन्हें इनकी जरूरत है इन्हें अवैध घुसपैठियों तक नहीं पहुंचने दिया जा सकता। इसी उद्देश्य से विशेष दस्तावेज सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत घुसपैठियों को चिन्हित कर डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर मंडल में डिटेंशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे कार्रवाई की प्रक्रिया और आसान हो सके।
