देश की सबसे हाई-प्रोफाइल और प्रीमियम ट्रेनों में शुमार 'वंदे भारत एक्सप्रेस' एक बार फिर खान-पान की खराब क्वालिटी को लेकर विवादों में है। इस बार यह शर्मनाक वाकया उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम के साथ हुआ है। हजरत निजामुद्दीन से झांसी-खजुराहो के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22470) में सफर के दौरान उन्हें खराब क्वालिटी का दूध परोसा गया। इस घटना से नाराज कांग्रेस नेता ने न सिर्फ मौके पर ट्रेन स्टाफ को जमकर खरी-खोटी सुनाई, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो पोस्ट कर सीधे रेल मंत्री और IRCTC से इसकी शिकायत कर दी है।
कॉर्नफ्लेक्स मिलाते ही अलग हुआ पानी, वीडियो हुआ वायरल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष बृजलाल खाबरी इस प्रीमियम ट्रेन के कोच E2 में यात्रा कर रहे थे। सुबह के नाश्ते के वक्त जब उन्हें दूध और कॉर्नफ्लेक्स सर्व किया गया, तो दूध की स्थिति देखकर वे चौंक गए। राजेंद्र पाल गौतम का दावा है कि दूध में जैसे ही कॉर्नफ्लेक्स मिलाया गया, दूध फट गया और उसमें पानी तैरता हुआ साफ दिखाई देने लगा। उन्होंने इसे पूरी तरह निम्न स्तरीय और 'केमिकल युक्त' संदिग्ध लिक्विड बताया। कांग्रेस प्रभारी ने इस पूरे वाकये का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
यूपी कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल
इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से PNR नंबर साझा करते हुए केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। इसपर यूपी कांग्रेस ने लिखा कि हजरत निजामुद्दीन से झांसी जाने वाली देश की प्रीमियम ट्रेन 'वंदे भारत एक्सप्रेस' (22470) में वीआईपी सर्विस के दावों की धज्जियां उड़ गई हैं। इस ट्रेन में सफर कर रहे "प्रभारी" उत्तर प्रदेश एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष AICC राजेंद्र पाल गौतम को जो दूध सर्व किया गया, वह दूध कम और कोई खतरनाक केमिकल या मिलावटी लिक्विड ज्यादा लग रहा था। साथ ही कांग्रेस ने कुछ सवाल भी उठाए-
कांग्रेस ने इस पूरे मामले की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराने, दूध के सैंपल की लैब टेस्टिंग कराने और दोषी वेंडर कंपनी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले की तत्काल उच्च स्तरीय जांच कराने, दूध के सैंपल की लैब टेस्टिंग कराने और दोषी वेंडर कंपनी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
IRCTC ने दिया सफाई में जवाब
मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने और रेल मंत्री को टैग किए जाने के बाद IRCTC ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी। IRCTC की ओर से X पर जवाब देते हुए कहा गया कि यात्रियों को परोसा गया दूध एक 'एप्रूव्ड ब्रांड' (मान्यता प्राप्त ब्रांड) का ही था और उसकी एक्सपायरी की तिथि 12/05/27 के अनुसार वह अभी भी वैध था। हालांकि, उन्होंने शिकायत की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि इस पूरे मामले का संज्ञान ले लिया गया है। रेलवे ने आगे लिखा कि संबंधित ऑनबोर्ड कर्मचारियों को सख्ती से फटकार लगाई गई है और उन्हें सेवा के दौरान खाद्य पदार्थों को संभालते और तैयार करते समय अधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और यात्री सेवा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
