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NOC For Name Change: नाम बदलवाने के लिए पत्नी को लेनी होगी पति से NOC, जानिए ये क्यों है जरूरी

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 30, 2024, 11:12 AM IST

NOC For Name Change: सरकार का यह बयान इसलिए भी अधिक अहम है, क्योंकि इस साल मार्च में दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका फाइल कर इस फैसले को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट ने इस संबंध में सरकार से प्रतिक्रिया मांगी है। सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, यह एक कानूनी प्रोसेस है।

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Wife Need Husband NOC for changing name

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NOC For Name Change: केंद्र सरकार ने कहा है कि अगर किसी विवाहित महिला को अपना नाम बदलवाना है, तो अपने पति से नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना जरूरी है। आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने सोमवार को एक लिखित बयान में राज्यसभा को इस बारे में सूचित किया। उन्होंने कहा कि यह कानूनी झमेले से बचने के लिए जरूरी है। सरकार का यह बयान इसलिए भी अधिक अहम है, क्योंकि इस साल मार्च में दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका फाइल कर इस फैसले को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट ने इस संबंध में सरकार से प्रतिक्रिया मांगी है।

क्यों जरूरी है एनओसी

हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई सात अगस्त को होनी है। राज्यसभा में तोखन साहू ने कहा कि किसी के नाम बदलने से उसकी पहचान में भी बदलाव होता है। इसलिए नाम का गलत इस्तेमाल न हो, इसके लिए स्क्रूटनी जरूरी है। इस वजह से नाम बदलने के प्रोसेस में पति से एनओसी लेना जरूरी किया गया है। दरअसल, सरकार ने कहा कि अगर किसी महिला को अपना उपनाम वापस लेना है, तो उसे अपने पति से इसके लिए अनुमति लेनी होगी। सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, यह एक कानूनी प्रोसेस है।

मौलिक अधिकारों का उल्लंघन

दिल्ली हाई कोर्ट में महिला ने जो याचिका दायर की है, उसमें कहा गया है कि यह नोटिफिकेशन भेदभावपूर्ण और मनमानी है। यह संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस वर्ष मार्च में दिल्ली की एक 40 वर्षीय महिला ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की, जिसमें सरकार की एक अधिसूचना को चुनौती दी गई, जो महिलाओं को तलाक या पति से एनओसी के बिना अपने पहले वाले उपनाम को बदलने की अनुमति नहीं देती है और अदालत ने केंद्र से जवाब मांगा है।

बता दें कि नाम बदलने के लिए व्यक्ति को भारत के राजपत्र में नया नाम अधिसूचित करवाना होता है। हालांकि, केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार, विवाहित महिला के लिए उसके पति से एनओसी की आवश्यकता होती है।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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