भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड में नाम बदलने से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियम के तहत अगर कोई व्यक्ति आधार में अपने नाम में बड़ा बदलाव कराना चाहता है, तो अब उसे भारत सरकार या राज्य सरकार के राजपत्र यानी गजट में नाम परिवर्तन का प्रकाशन कराना होगा। इसके बाद ही आधार में बड़े नाम बदलाव की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
नाम में बड़े बदलाव के लिए गजट जरूरी
नए नियम के मुताबिक, अगर आधार कार्ड में नाम को पूरी तरह या बड़े स्तर पर बदलना है, तो केवल सामान्य दस्तावेजों के आधार पर यह बदलाव नहीं किया जा सकेगा। ऐसे मामलों में सरकारी गजट में नाम परिवर्तन का प्रकाशन अनिवार्य होगा। यानी आधार में बड़े नाम बदलाव के लिए अब गजट एक जरूरी दस्तावेज बन गया है।
पहले ऐसी स्थिति में आवासीय प्रमाण-पत्र के आधार पर भी नाम में बदलाव कराया जा सकता था। नए नियम के बाद बड़े नाम परिवर्तन के लिए इस प्रक्रिया में अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत होगी। इसका मकसद आधार में दर्ज नाम की जानकारी को अधिक विश्वसनीय और प्रमाणित बनाना है।
नाम की स्पेलिंग सुधारने पर राहत
हालांकि, अगर आधार कार्ड में सिर्फ नाम की स्पेलिंग गलत है और उसमें मामूली सुधार कराना है, तो गजट की जरूरत नहीं होगी। ऐसे मामलों में आवासीय प्रमाण-पत्र अभी भी मान्य रहेगा। इसका मतलब है कि नाम में मामूली गलती या स्पेलिंग सुधार और नाम में बड़े बदलाव को अलग-अलग माना जाएगा। इसलिए आधार में नाम अपडेट कराने से पहले यह देखना जरूरी होगा कि बदलाव केवल वर्तनी सुधार से जुड़ा है या नाम में बड़ा परिवर्तन किया जा रहा है।
आधार अपडेट कराने से पहले दस्तावेज तैयार रखें
नए नियम के बाद आधार कार्ड में नाम बदलने वाले लोगों को पहले से जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। अगर बदलाव बड़ा है, तो सरकारी गजट में प्रकाशन कराना जरूरी होगा। वहीं, केवल स्पेलिंग सुधार के मामले में मान्य आवासीय प्रमाण-पत्र के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
इस बदलाव के बाद आधार में नाम अपडेट कराने से पहले यह स्पष्ट कर लेना जरूरी है कि आपका मामला सामान्य स्पेलिंग सुधार का है या बड़े नाम परिवर्तन का। इससे दस्तावेज तैयार करने और आवेदन प्रक्रिया में परेशानी से बचा जा सकता है
