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Model Code of Conduct: चुनाव के दौरान आप कितना कैश लेकर कर सकते हैं सफर, जानिए EC के नियम

What is Model Code of Conduct: आदर्श आचार संहिता के तहत कुछ दिशानिर्देश ऐसे हैं, जो न केवल राजनीतिक दलों पर लागू होते हैं, बल्कि आम आदमी को इसका पालन करना जरूरी होता है। अगर किसी के पास 10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति पाई जाती है, तो मामला आयकर विभाग (आईटी) को भेजा जाएगा।

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What is Model Code of Conduct

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What is Model Code of Conduct: देश में लोक सभा के चुनाव होने हैं और 19 अप्रैल को पहले चरण के लिए मतदान होना है। देश में जैसे ही चुनाव की घोषणा हुई, इसके बाद चुनाव आयोग ने देश में आदर्श आचार संहिता लागू कर दिया। आदर्श आचार संहिता के तहत कुछ दिशानिर्देश ऐसे हैं, जो न केवल राजनीतिक दलों पर लागू होते हैं, बल्कि आम आदमी को इसका पालन करना जरूरी होता है। लॉ इनफोर्सेमेंट एजेंसियां पूरे देश में नकदी, शराब, आभूषण और अन्य मुफ्त वस्तुओं की आवाजाही को लेकर हाई अलर्ट पर हैं। इनका इस्तेमाल मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।

कैश ले जाने की अनुमति

आदर्श आचार संहिता के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति 50,000 रुपये से अधिक नकदी या 10,000 रुपये से अधिक मूल्य का नया सामान ले जाते हुए पकड़ा जाता है, उसके पास प्रूफ के लिए डॉक्यूमेंट्स होने चाहिए। वरना नकदी या सामान को जब्त कर लिया जाएगा। अगर आप कैश लेकर जा रहे हैं, तो इससे संबंधित कागजात होने चाहिए। साथ ही कैश को एक से दूसरे जगह ले जाने का काम अधिकृत कर्मियों द्वारा किया जाना चाहिए। कैश को प्राप्तकर्ता द्वारा की गई मांग के आधार पर ही ट्रांसफर किया जाना चाहिए

50 हजार से अधिक के लिए क्या चाहिए

चुनाव आयोग ने लोगों को बिना डॉक्यूमेंट के 50,000 रुपये या उससे अधिक की नकदी नहीं ले जाने की सलाह दी है। अगर किसी के पास 10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति पाई जाती है, तो मामला आयकर विभाग (आईटी) को भेजा जाएगा। अगर पैसा अथॉराइज्ड व्यक्ति के कार्यालय/शाखा से भेजा जा रहा है, तो उस व्यक्ति के खाते में दर्ज होने के बाद ही पैसा को वहां से मिल पाएगा।

जब्त की गई नकदी का क्या होगा

एजेंसियों द्वारा जब्त की गई नकदी या वस्तु को अदालत के निर्देशानुसार जमा किया जाता है। हालंकि, यदि राशि 10 लाख रुपये से अधिक है, तो आयकर विभाग को सूचित किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। दिशानिर्देशों के अनुसार, एक जिला-स्तरीय समिति मामलों की जांच करेगी और उन बरामदगी की जांच करेगी जो किसी भी उम्मीदवार, राजनीतिक दल या चुनाव अभियान से जुड़े नहीं हैं। समिति को चुनाव आयोग के नियमों का पालन करने के बाद जब्त की गई किसी भी नकदी को वापस करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आदेश दिया गया है।

TNN Business Desk
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