Bullet Train: देश की पहली बुलेट ट्रेन का इंतजार अब अपने आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और सूरत में बन रहा बुलेट ट्रेन स्टेशन भी अपनी शक्ल ले चुका है। सूरत स्टेशन का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
अगले स्वतंत्रता दिवस से देश में हाई-स्पीड रेल सेवा शुरू करने की तैयारी है। ऐसे में सूरत स्टेशन इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सबसे अहम पड़ावों में शामिल होगा।
एंट्रोली गांव के पास, सूरत-बर्दोली रोड के नजदीक बन रहा यह स्टेशन करीब 58,352 वर्ग मीटर में फैला है। करीब 26.3 मीटर ऊंची स्टेशन बिल्डिंग को तीन स्तरों में तैयार किया जा रहा है- ग्राउंड लेवल, कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म लेवल।
स्टेशन में एंट्री से प्लेटफॉर्म तक आसान सफर
यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए स्टेशन में दोनों तरफ से प्रवेश की सुविधा होगी। ग्राउंड लेवल से यात्री स्टेशन के अंदर पहुंचेंगे, जहां सुरक्षा जांच के बाद टिकटिंग और दूसरी प्रक्रियाएं पूरी की जा सकेंगी।
स्टेशन में लिफ्ट, एस्केलेटर और सीढ़ियों की पर्याप्त व्यवस्था होगी, ताकि एक लेवल से दूसरे लेवल तक पहुंचने में यात्रियों को परेशानी न हो।
दो प्लेटफॉर्म, चार ट्रैक और हाई-स्पीड ऑपरेशन
सूरत स्टेशन को ऑल-स्टॉप स्टेशन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। यहां दो आइलैंड प्लेटफॉर्म और चार ट्रैक होंगे।
स्टेशन की पूरी व्यवस्था इस तरह तैयार की जा रही है कि हाई-स्पीड ट्रेन के संचालन के साथ यात्रियों की आवाजाही भी व्यवस्थित और सुरक्षित रहे।
स्टेशन के बाहर से भी आसान होगी कनेक्टिविटी
बुलेट ट्रेन से उतरने के बाद यात्रियों को आगे के सफर के लिए दूसरे साधनों तक आसानी से पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है। स्टेशन को मेट्रो, बस, टैक्सी और ऑटो जैसे परिवहन साधनों से जोड़ने की योजना है।
प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन करीब 280 मीटर और BRTS बस स्टॉप करीब 330 मीटर की दूरी पर है। सूरत रेलवे स्टेशन करीब 11 किलोमीटर दूर है, जबकि चलथान रेलवे स्टेशन और NH-48 करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर हैं।
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पार्किंग से पिकअप-ड्रॉप तक पूरी तैयारी
स्टेशन के आसपास यात्रियों को लेने और छोड़ने के लिए अलग पिकअप-ड्रॉप जोन बनाए जाएंगे। बस, कार और दोपहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों को ध्यान में रखते हुए EV पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी।
यानी बुलेट ट्रेन स्टेशन तक पहुंचने से लेकर ट्रेन पकड़ने और स्टेशन से बाहर निकलने तक पूरे सफर को आसान बनाने पर काम हो रहा है।
करीब 80 फीसदी निर्माण पूरा होने के साथ सूरत स्टेशन अब उस सपने की तस्वीर पेश करने लगा है, जिसमें भारत पहली बार हाई-स्पीड रेल के दौर में कदम रखेगा। अगले स्वतंत्रता दिवस से शुरू होने वाली इस नई यात्रा में सूरत एक अहम पड़ाव बनने जा रहा है।
