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Stock Market Today: क्रूड सस्ता, रुपया संभला, ग्लोबल मार्केट में बहार; फिर क्यों लुढ़के Sensex-Nifty?

भारतीय शेयर बाजार में लगातार बिकवाली जारी है। हालांकि, हैरानी इस बात की है कि भारत के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर क्रूड प्राइस अब शांत हो रहा है। रुपये में स्थिरता है और ग्लोबल मार्केट का सेंटिमेंट पॉजिटिव है।

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जानिए क्यों लुढ़का शेयर बाजार

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Stock Market Today : भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार की शुरुआत कमजोर रुख के साथ की। एक तरफ कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है, रुपया डॉलर के मुकाबले थोड़ा मजबूत है और अमेरिकी बाजारों से लेकर एशिया के कई बाजारों तक तेजी का माहौल है। इसके बावजूद घरेलू बाजार में बिकवाली हावी है। शुरुआती कारोबार में Sensex 258 अंक से ज्यादा टूटकर 77,821 के आसपास आ गया, जबकि Nifty करीब 61 अंक गिरकर 24,335 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। सवाल यही है कि जब बाहरी संकेत इतने खराब नहीं हैं, तो भारतीय बाजार पर दबाव क्यों है?

किस ने बिगाड़ा बाजार का मूड?

बाजार की मौजूदा चाल को देखते हुए ज्यादातर एक्सपर्ट बाजार में सुस्ती के पीछे मुनाफावसूली को मान रहे हैं। निफ्टी पिछले कारोबारी सत्र में 24,395.85 पर बंद हुआ था और आज 24,361.90 पर खुला। इसके बाद इंडेक्स 24,304.30 के इंट्राडे लो तक फिसल गया। यानी शुरुआती खरीदारी टिक नहीं पाई और ऊपरी स्तरों पर बिकवाली बढ़ गई। निफ्टी की ब्रेड्थ भी कमजोर है। क्योंकि, 50 में 33 शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे हैं।

Metal, Auto और IT ने बढ़ाया दबाव

सेक्टोरल प्रदर्शन बाजार की कमजोरी की बड़ी वजह है। निफ्टी मेटल करीब 1.22% टूट गया है। ऑटो इंडेक्स में 0.75% और आईटी में 0.61% की गिरावट है। फार्मा, एफएमसीजी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी लाल निशान में हैं। खास बात यह है कि मिडकैप शेयरों में भी दबाव ज्यादा है। निफ्टी मिडकैप 50 करीब 0.50% नीचे है, जबकि मिडकैप 100 में लगभग 0.39% की गिरावट है। यानी निवेशक फिलहाल जोखिम लेने के बजाय चुनिंदा जगहों पर मुनाफा सुरक्षित करते दिख रहे हैं।

ग्लोबल बाजार मजबूत

अमेरिकी बाजारों से संकेत सकारात्मक हैं। एसएंडपी 500 करीब 0.65% और नैस्डैक 0.81% ऊपर हैं। एशिया में निक्केई 0.62% और कोस्पी 2.10% मजबूत है। लेकिन गिफ्ट निफ्टी करीब 0.30% नीचे है और हांगकांग का हैंग सेंग लगभग 0.94% कमजोर है।

क्रूड और रुपया भी नहीं दे पाए सहारा

ब्रेंट क्रूड करीब 86.96 डॉलर प्रति बैरल पर मामूली नीचे है, जबकि क्रूड ऑयल करीब 81.20 डॉलर पर है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए क्रूड में नरमी सकारात्मक मानी जाती है। दूसरी तरफ डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 95.40 पर है और मामूली मजबूती दिखा रहा है। फिर भी इन दोनों सकारात्मक संकेतों का बाजार पर तत्काल असर नहीं दिख रहा है। इसकी वजह यह है कि फिलहाल निवेशकों की नजर व्यापक बाजार की दिशा और शेयरों के मौजूदा मूल्यांकन पर है।

क्यों लुढ़क रहा भारतीय बाजार?

इससे साफ है कि भारतीय बाजार ग्लोबल तेजी को पूरी तरह फॉलो नहीं कर रहा। घरेलू निवेशकों का फोकस इस समय कंपनियों के वैल्यूएशन, हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली और सेक्टरवार कमजोरी पर ज्यादा है। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार की गिरावट के पीछे कई वजहें एक साथ काम कर रही हैं। भले ही क्रूड में हल्की नरमी है। लेकिन, पश्चिम एशिया का तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दूसरी ओर, डॉलर के मुकाबले रुपया 95.40 के आसपास जरूर है, लेकिन इसे पूरी तरह मजबूत रुख नहीं माना जा सकता। क्योंकि बाजार में यह धारणा है कि RBI के दखल से भी रुपये को अपेक्षित सहारा नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही FPI/FII फ्लो को लेकर सावधानी बनी हुई है, जिससे घरेलू बाजार में लगातार खरीदारी का भरोसा कमजोर है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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