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Real Vs Fake Eggs: धड़ल्ले से हो रही प्लास्टिक के अंडे की बिक्री, ऐसे करें असली और नकली में पहचान

  • Edited by: कुलदीप राघव
  • Updated Nov 10, 2022, 03:45 PM IST

How To Identify Artificial Eggs: अगर आप भी ठंड के सीजन में अंडे खाते हैं तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार में इन दिनों प्लास्टिक के अंडे की बिक्री हो रही है।

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Real Vs Fake Eggs: धड़ल्ले से हो रही प्लास्टिक के अंडे की बिक्री, ऐसे करें असली और नकली में पहचान

How To Identify Artificial Eggs: सर्दियों के सीजन में बॉडी को गर्म रखने के लिए अंडे खाने की सलाह दी जाती है। ऐसे में अंडों की खपत काफी बढ़ जाती है और बाजार में नकली अंडे की बिक्री शुरू हो जाती है। जिससे सेहत पर बुरा असर पड़ता है। अगर आप भी ठंड के सीजन में अंडे खाते हैं तो आपको सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल, इन दिनों बाजारों में प्लास्टिक के अंडे की सपलाई तेजी से हो रही है, जो हेल्थ के लिए हानिकारक होता है। आपकी परेशानी को दूर करने के लिए आज हम इस लेख में आपको असली और नकली अंडे में पहचान करने के तरीकों के बारे में बताएंगे।

नकली और असली अंडे की पहचान कैसे करें?

  • अगर अंडे की सफेदी और जर्दी अच्छी तरह से मिल जाए तो इसका मतलब है कि अंडा नकली है।
  • असली अंडों की अपेक्षा नकली अंडे का सफेद भाग ज्यादा सख्त होता है।
  • नकली अंडे को अगर आग के पास रखेंगे तो उसमें आग पकड़ सकती है।
  • आर्टिफिशियल अंडे पानी में डूबता नहीं बल्कि तैरते हैं।
  • असली अंडे चिकने तो वहीं नकली अंडे खुरदुरे होते हैं।
  • नकली अंडे उबलने के बाद बाहर से काफी हार्ड हो जाते हैं।

नकली अंडे खाने के नुकसान

  • नकली अंडे लीवर के लिए हानिकारक होते हैं।
  • ऐसे अंडे हड्डियों को कमजोर बनाने में सक्षम होता हैं।
  • केमिकल से बने इस अंडे का किडनी पर बुरा असर पड़ता है।
  • नकली अंडे से खून बनने की क्षमता कम हो जाती है जिससे शरीर में एनीमिया रोग होने की संभावना बढ़ सकती है।

कैसे बनाए जाते हैं नकली अंडे?

नकली अंडे सिंथेटिक और प्लास्टिक का इस्तेमाल करके बनाए जाते हैं। यह दिखने में बिल्कुल असली अंडे की तरह होते हैं।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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