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DA Hike News: केंद्रीय कर्मचारियों को क्या नहीं मिलेगा 18 महीने का बकाया DA, संसद में वित्त मंत्री ने कही ये बात

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Aug 10, 2024, 11:06 AM IST

DA Hike News: महंगाई भत्ता, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन का एक प्रमुख कॉम्पोनेंट है, जिसे मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। केंद्र सरकार साल में दो बार जनवरी और जुलाई में डीए में संशोधन करती है।

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DA Hike News:

DA Hike News: केंद्र सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्रीय कर्मचारियों के 18 महीने के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के निलंबित कर दिया था। अब लगातार कर्मचारी बकाया डीए की मांग कर रहे हैं। संसद के दो सदस्यों ने एक बार फिर पूछा है कि क्या सरकार लंबित 18 महीने का डीए बकाया प्रदान करने की मांग पर 'सक्रिय रूप से विचार' कर रही है। केंद्रीय राज्य मंत्री (वित्त) पंकज चौधरी ने सवाल का जवाब देते हुए स्थिति साफ की है।

क्या नहीं मिलेगा बकाया पैसा

वित्त राज्य मंत्री ने साफ कहा कि सरकार इस पर किसी भी तरह का विचार नहीं कर रही है। इसके पीछे का तर्क बताते हुए चौधरी ने संसद में अपने लिखित जवाब में कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेशनभोगियों को 01.01.2020, 01.07.2020 एवं 01.01.2021 से देय महंगाई भत्ते(DA)/महंगाई राहत(DR) की तीन किस्तों को रोकने का निर्णय कोविड-19, जिससे आर्थिक व्यवधान हुआ था, के संदर्भ में लिया गया था ताकि सरकारी वित्त व्यवस्था पर दवाब कम किया जा सके।

वेतन का एक प्रमुख कॉम्पोनेंट

महंगाई भत्ता, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन का एक प्रमुख कॉम्पोनेंट है, जिसे मुद्रास्फीति के प्रभाव को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। बढ़ती मुद्रास्फीति को ध्यान में रखकर सरकारी कर्मचारियों के प्रभावी वेतन को समय-समय पर समायोजित किया जाता है।

केंद्र सरकार साल में दो बार जनवरी और जुलाई में डीए में संशोधन करती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि महंगाई भत्ते की दर कर्मचारियों के बीच भिन्न होती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि वे शहरी, अर्ध-शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हैं।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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