PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की वेटिंग लिस्ट में नाम शामिल ना करवा पाने वाले लोगों को सुनहरा मौका दिया जा रहा है। सर्वेक्षण आवास ऐप प्लस (PM Awas Yojana Survey Plus) के माध्यम से योग्य लाभार्थियों का सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे की शुरुआत 10 जनवरी 2025 से हुई थी और 31 मार्च 2025 तक यह सर्वे जारी रहेगा। बिहार में जिला प्रशासन द्वारा लोगों को आगाह भी किया गया है और बताया गया है कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह फ्री है। आइये जानते हैं कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ कौन से लोग उठा सकते हैं और सर्वे की जिम्मेदारी किसे दी गई है?
कौन करवाएगा सर्वे?
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लोगों का पात्रता संबंधित मापदंड पूरा करना बेहद जरूरी है। ऐसे लोग, जो पात्र नहीं हैं, उनका नाम इस योजना की वेटिंग लिस्ट में शामिल नहीं किया जाएगा। पंचायत स्तर पर सर्वे की जिम्मेदारी प्रमुख रूप से ग्रामीण आवास सहायक और पंचायात रोजगार सेवक को दी गई है। योजना की वेटिंग लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाने और अन्य आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए लोग अपने पंचायत स्तरीय कर्मचारी या अपने प्रखंड के ब्लॉक डेवलपमेंट अफसर (BDO) से बात कर सकते हैं।
इन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ
जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत कुछ आवश्यक पात्रता संबंधित नियम तय किये गये हैं। इन नियमों का पालन करने वाले लोगों को ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल सकता है। पात्रता संबंधित नियम आपको नीचे बताये जा रहे हैं।
- अगर किसी व्यक्ति का पक्का मकान है या परिवार में किसी सदस्य के पास तिपहिया या चार पहियों वाली गाड़ी है तो ऐसे लोग योजना के पात्र नहीं हैं।
- अगर किसी व्यक्ति के पास 50,000 से अधिक क्रेडिट लिमिट वाला किसान क्रेडिट कार्ड मौजूद है तो ऐसे लोग भी योजना के पात्र नहीं हैं।
- अगर परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी कर्मचारी है या फिर परिवार सरकार के समक्ष गैर कृषि उद्यम के तौर पर पंजीकृत है तो ऐसे परिवार से संबंधित व्यक्ति को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- अगर परिवार का कोई सदस्य 15,000 रुपये प्रतिमाह से ज्यादा कमाता है, परिवार इनकम टैक्स या कॉर्पोरेट टैक्स भरता है या फिर परिवार के पास 2.5 एकड़ से ज्यादा सिंचित जमीन मौजूद है तो ऐसे परिवार को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
- ऐसे परिवार जिनके पास 5 एकड़ से ज्यादा असिंचित जमीन है, वो भी योजना के लिए पात्र नहीं हैं और उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
