आजकल नया स्मार्टफोन खरीदते समय एक्सचेंज ऑफर का इस्तेमाल काफी लोग करते हैं। Amazon, Flipkart और दूसरी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर पुराने फोन के बदले नए फोन पर डिस्काउंट दिया जाता है। इससे नया स्मार्टफोन खरीदना थोड़ा सस्ता पड़ जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक्सचेंज में दिया गया आपका पुराना फोन आखिर जाता कहां है और कंपनियां उसका क्या करती हैं?
जब आप अपना पुराना फोन एक्सचेंज में देते हैं, तो सबसे पहले उसकी कंडीशन और काम करने की स्थिति चेक की जाती है। फोन की स्क्रीन, कैमरा, बैटरी, स्पीकर, बटन और चार्जिंग पोर्ट जैसी चीजों को देखा जाता है। इसके अलावा फोन का मॉडल, स्टोरेज और उसकी ओवरऑल कंडीशन भी जांची जाती है।
फोन की हालत जितनी अच्छी होगी, आमतौर पर उसकी एक्सचेंज वैल्यू उतनी ही बेहतर मिल सकती है। अगर फोन में स्क्रीन टूटी है, बैटरी खराब है या कोई बड़ा हार्डवेयर प्रॉब्लम है, तो उसकी कीमत काफी कम हो सकती है।
अच्छे फोन को किया जा सकता है रिफर्बिश
अगर पुराना स्मार्टफोन अच्छी स्थिति में है और उसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है, तो उसे रिफर्बिश किया जा सकता है। ऐसे फोन की जांच और जरूरी मरम्मत के बाद उसे दोबारा बेचा जा सकता है। रिफर्बिश किए गए फोन को बेचने से पहले उसकी खराबी ठीक की जाती है और जरूरी टेस्ट किए जाते हैं। इसके बाद उसे ग्राहक को नए फोन की तुलना में कम कीमत पर बेचा जा सकता है।खराब फोन के पार्ट्स का होता है इस्तेमाल
अगर एक्सचेंज में मिला फोन इस्तेमाल करने लायक नहीं है, तो उसे सीधे फेंका नहीं जाता। ऐसे फोन को रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जाता है। इसके अंदर मौजूद कुछ पार्ट्स और मटेरियल को अलग करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।फोन में मौजूद धातु और दूसरे उपयोगी मटेरियल को प्रोसेस करके इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह पुराने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से निकलने वाले ई-वेस्ट को कम करने में मदद मिलती है।
कुछ फोन दोबारा बेचे भी जा सकते हैं
एक्सचेंज में मिले सभी फोन खराब नहीं होते। कई फोन ऐसे होते हैं जो अच्छी हालत में होते हैं और उन्हें थोड़ी जांच या मामूली रिपेयर के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे फोन को सेकेंड-हैंड या रिफर्बिश मार्केट में बेचा जा सकता है। इस वजह से एक्सचेंज ऑफर सिर्फ ग्राहकों के लिए नया फोन सस्ता करने का तरीका नहीं है, बल्कि पुराने डिवाइस को दोबारा इस्तेमाल करने का एक जरिया भी बन सकता है।डेटा की सुरक्षा सबसे जरूरी
पुराना फोन एक्सचेंज करने से पहले अपनी निजी जानकारी हटाना बहुत जरूरी है। फोन में मौजूद फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट, WhatsApp चैट, बैंकिंग ऐप और सोशल मीडिया अकाउंट जैसी जानकारी को पहले दूसरे डिवाइस में ट्रांसफर कर लें। इसके बाद अपने Google या Apple अकाउंट से साइन आउट करें और फोन को फैक्ट्री रिसेट कर दें। अगर फोन में मेमोरी कार्ड या SIM कार्ड लगा है, तो उसे भी निकालना न भूलें।एक्सचेंज करने से पहले IMEI और फोन की स्थिति देखें
पुराना फोन देने से पहले उसका IMEI नंबर और फोन की बाकी जरूरी जानकारी अपने पास सुरक्षित रखना अच्छा रहता है। साथ ही एक्सचेंज के समय मिलने वाली कीमत और अंतिम शर्तों को ध्यान से पढ़ें। कई बार ऑनलाइन दिखाई जा रही एक्सचेंज वैल्यू फोन की वास्तविक जांच के बाद बदल सकती है। इसलिए फोन सौंपने से पहले यह जरूर समझ लें कि आपको कितना एक्सचेंज डिस्काउंट मिल रहा है।एक्सचेंज ऑफर लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
पुराना फोन एक्सचेंज करना आसान है, लेकिन अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा करना आपकी जिम्मेदारी है। फोन देने से पहले पूरा बैकअप लें, सभी अकाउंट हटाएं, फैक्ट्री रिसेट करें और SIM व मेमोरी कार्ड निकाल लें। इसके बाद ही फोन एक्सचेंज करें।कुल मिलाकर, एक्सचेंज में दिया गया पुराना फोन उसकी हालत के हिसाब से दोबारा इस्तेमाल, रिफर्बिश या रिसाइकिल किया जा सकता है। इसलिए अगली बार नया स्मार्टफोन खरीदते समय अपना पुराना फोन एक्सचेंज करने से पहले यह जरूर जान लें कि उसकी कीमत और डेटा दोनों आपके लिए महत्वपूर्ण हैं।
