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Nitin Gadkari:नितिन गडकरी बोले- सड़कें अच्छी हालत में न हों तो हाइवे एजेंसियां टोल न वसूलें

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jun 26, 2024, 07:34 PM IST

Nitin Gadkari: उन्होंने कहा कि आपको उसी जगह पर उपयोगकर्ता शुल्क वसूलना चाहिए, जहां आप सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली सड़क मुहैया करा रहे हैं। अगर आप गड्ढों और कीचड़ वाली सड़कों पर भी टोल वसूलते हैं, तो आपकों लोगों की प्रतिक्रिया का भी सामना करना होगा।

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • ईटीसी को निजी वाहनों पर भी लागू करने का प्रस्ताव।
  • शुरुआत में हाइब्रिड मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा।

Nitin Gadkari: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि अगर सड़कें अच्छी हालत में नहीं हैं तो राजमार्ग का संचालन करने वाली एजेंसियों को उपयोगकर्ताओं से टोल नहीं वसूलना चाहिए। गडकरी उसैटेलाइट बेस्ड टोल कलेक्शन सिस्टम पर आयोजित एक वैश्विक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस प्रणाली को चालू वित्त वर्ष में ही 5,000 किलोमीटर से अधिक लंबे राजमार्गों पर लागू किया जाना है।

सर्विस में क्वालिटी नहीं तो टोल न वसूलें

गडकरी ने कहा कि अगर आप अच्छी गुणवत्ता वाली सेवा नहीं देते हैं, तो आपको टोल नहीं वसूलना चाहिए। हम उपयोगकर्ताओं से शुल्क वसूलने और अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए टोल वसूलने की जल्दबाजी में हैं। उन्होंने कहा कि आपको उसी जगह पर उपयोगकर्ता शुल्क वसूलना चाहिए, जहां आप सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली सड़क मुहैया करा रहे हैं। अगर आप गड्ढों और कीचड़ वाली सड़कों पर भी टोल वसूलते हैं, तो आपकों लोगों की प्रतिक्रिया का भी सामना करना होगा।

इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) मौजूदा फास्टैग व्यवस्था के भीतर ही वैश्विक नेविगेशन उपग्रह प्रणाली (जीएनएसएस) पर आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ईटीसी) व्यवस्था लागू करने की योजना बना रहा है। इसमें शुरुआत में हाइब्रिड मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें रेडियो आवृत्ति पहचान (आरएफआईडी) पर आधारित टोल संग्रह और जीएनएसएस-आधारित टोल प्रणाली दोनों एक साथ काम करेंगी।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बड़े पैमाने पर लागू करने और निजता संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पहले इसे वाणिज्यिक वाहनों पर लागू करने की बात कही है। बाद में इस व्यवस्था को निजी वाहनों पर भी लागू करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही एनएचएआई ने धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए ड्राइवर के व्यवहार का विश्लेषण और आंकड़ों के विश्लेषण की भी सिफारिश की है। (इनपुट-भाषा)

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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