NHAI FASTag Rules: एनएचएआई यानी National Highways Authority of India ने FASTag से जुड़े व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) की जांच का एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। टोल सिस्टम को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए एनएचएआई ने सभी FASTag जारी करने वाले बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपने द्वारा जारी किए गए FASTag से जुड़े व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) या नंबर प्लेट की जानकारी को तुरंत वेरिफाई करें।
ब्लैकलिस्ट हो जाएगा FASTag

NHAI Starts Verifying FASTag Linked Vehicle Numbers (Photo: iStock)
दरअसल, यह कदम तब उठाया गया जब कई शिकायतें सामने आईं कि FASTag स्कैनर द्वारा रीड किए गए वाहन नंबर और असली नंबर प्लेट पर लिखे नंबर एक-दूसरे से मेल नहीं खाते यानी दोनों ही नंबर अलग-अलग हैं। इस तरह की गड़बड़ी से टोल कलेक्शन में समस्या और गड़बड़ी की आशंका बढ़ जाती है। NHAI ने साफ निर्देश दिया है कि जिन FASTag में गलत या अमान्य VRN पाया जाएगा, उन्हें तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
टोल वसूली में हो रही गड़बड़ियां
इस कार्रवाई के पीछे मुख्य कारण टोल वसूली में हो रही गड़बड़ियां हैं। जब FASTag स्कैनर किसी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर को रीड करता है और वह गाड़ी के असली नंबर से मेल नहीं खाता तो इससे टोल चोरी (revenue evasion) की संभावना बढ़ जाती है और सरकारी राजस्व को नुकसान होता है।
MLFF सिस्टम से जुड़ा है मामला
NHAI भविष्य में Multi-Lane Free Flow (MLFF) टोल सिस्टम लागू करना चाहता है, जिसमें वाहन बिना रुके तेज गति से टोल पार कर सकेंगे। ऐसे सिस्टम के लिए डेटा का बिल्कुल सही होना जरूरी है। इसलिए अभी से FASTag डेटा को सुधारने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
गलत जानकारी पर क्या होगा?
अगर आपके FASTag में गलत वाहन नंबर लिंक है तो आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सबसे पहले, आपका FASTag ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है, जिससे वह टोल प्लाजा पर काम करना बंद कर देगा। इसके अलावा, टोल पार करते समय आपको देरी या अतिरिक्त जांच का सामना करना पड़ सकता है, जिससे यात्रा असुविधाजनक हो जाती है। इतना ही नहीं, नियमों के अनुसार आप पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए वाहन मालिकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने FASTag की जानकारी तुरंत जांच लें और जरूरत होने पर अपडेट कराएं।
